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Read More... मुंबई, जिसकी हवा में कभी समंदर की नमकीन ताजगी और सपनों की महक हुआ करती थी, आज बीमारियों का शहर!
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By Online Desk
केईएम, सायन, नायर सहित कई सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में इन दिनों सांस संबंधी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। हर दूसरे घर में कोई न कोई लगातार खांसी, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा या एलर्जी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। शहर को सुंदर बनाने की योजनाओं के बीच लोगों की सेहत पर बढ़ता खतरा चिंता का विषय बन गया है। सवाल उठ रहा है कि यदि लोगों को स्वच्छ हवा ही न मिले, तो विकास का क्या अर्थ रह जाता है।मुंबईकरों का सवाल – यह विकास है या विनाश? 
