ब्राह्मण संगठनों की बैठक के बाद बोले शरद पवार, किसी जाति के खिलाफ बयानबाजी ठीक नहीं

Rokthok Lekhani
पुणे : राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने पुणे में ब्राह्मण संगठनों के साथ बैठक के बाद अपना पक्ष रखा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि दवे नाम एक व्यक्ति का उन्हें फोन आया था और उसने मिलने का समय मांगा था। इसके बाद यह बैठक आयोजित की गई। उन्होंने राकांपा नेताओं को निर्देश दिया था कि वे किसी जाति या धर्म के खिलाफ बयान न दें।
शरद पवार ने कहा कि दवे नाम के एक शख्स ने मुझसे मिलने का समय मांगा। मैं अन्य संगठनों से भी मिलना चाहता था। उसी हिसाब से मैंने राकांपा जिलाध्यक्ष से मुलाकात की व्यवस्था करने को कहा। बैठक में कुल 40 लोग मौजूद थे। उन्होंने मेरे समक्ष कुछ मुद्दे रखे। विशेषकर पार्टी के सहयोगियों के बयानों को लेकर वे परेशान थे। यह बयान सामने आने के बाद हमारी पार्टी में चर्चा हुई। हमने कहा कि किसी को भी किसी जाति या धर्म के खिलाफ नहीं बोलना चाहिए।
ब्राह्मण संगठनों की एक और मांग थी कि यह वर्ग ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों में आ रहा है, इसलिए उन्हें नौकरी के अधिक अवसर मिलने चाहिए। हमने केंद्र और राज्य से जानकारी जुटाई थी। इसमें उनकी जनसंख्या के अनुसार नौकरियों में वे अधिक संख्या नजर आए। ऐसे में आरक्षण का फॉर्मूला इस जगह फिट नहीं होगा।
ब्राह्मण समुदाय के बारे में बयान देने वाले पार्टी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर शरद पवार ने कहा कि मैंने पार्टी नेताओं को समझाया है। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकता। मुझे नहीं लगता कि राज्य में माहौल खराब हुआ है। हालांकि जिम्मेदार पार्टी के नेताओं के बयानों से कुछ वर्ग नाराज हो सकते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों को चर्चा करनी चाहिए।


