Madras High Court
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मद्रास उच्च न्यायालय का बड़ा फैसला: 'धोखाधड़ी या ब्लैकमेल से बना शारीरिक संबंध सहमति नहीं है'

मद्रास उच्च न्यायालय का बड़ा फैसला: 'धोखाधड़ी या ब्लैकमेल से बना शारीरिक संबंध सहमति नहीं है' ​न्यायिक टिप्पणी: धोखाधड़ी, ब्लैकमेल या झूठे वादों के आधार पर ली गई सहमति अवैध है। ​कानूनी आधार: सहमति 'स्वतंत्र इच्छा' (free will) से होनी चाहिए, किसी दबाव या धोखे से नहीं। ​महत्व: यह फैसला यौन अपराधों के मामलों में न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक मिसाल बनेगा। ​अदालत का निर्देश: अदालतों को सहमति की परिस्थितियों की गहराई से जांच करने का आदेश दिया गया है।
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...पत्नी के साथ हिंसा करने वाले पति को घर से निकालना सही -मद्रास हाईकोर्ट 

...पत्नी के साथ हिंसा करने वाले पति को घर से निकालना सही -मद्रास हाईकोर्ट  मद्रास उच्च न्यायालय ने अपनी सख्त टिप्पणी में कहा कि पत्नी के साथ हिंसा करने वाले पति को घर से निकालना ही सही है। न्यायमूर्ति आरएन मंजुला ने पति को निर्देश दिया कि वह कहीं और जाकर रहे लेकिन पत्नी और बच्चों को तंग न करे।
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