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मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा, साइबर ठगी के पैसों की हेराफेरी करने वाले नेटवर्क पर शिकंजा

मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा, साइबर ठगी के पैसों की हेराफेरी करने वाले नेटवर्क पर शिकंजा साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच मुंबई क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क की कार्यप्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी राज तिलक रोशन ने बताया कि साइबर अपराध आमतौर पर दो चरणों में संचालित होते हैं और पुलिस ने ऐसे नेटवर्क की पहचान की है जो ठगी की रकम को अलग-अलग खातों के जरिए आगे भेजने का काम करता है। डीसीपी राज तिलक रोशन ने बताया कि पहला समूह उन लोगों का होता है जो सीधे साइबर ठगी को अंजाम देते हैं। इनमें डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, आईपीके से जुड़े धोखाधड़ी के मामले और अन्य ऑनलाइन ठगी शामिल हैं। दूसरा समूह उन लोगों का होता है जो ठगी के बाद प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों या अन्य माध्यमों से स्थानांतरित कर उसकी असली पहचान छिपाने का प्रयास करते हैं।  
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