माहीम चुनाव विवाद: बॉम्बे हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे सदा सरवणकर, महेश सावंत को नोटिस जारी
Mahim election dispute: Sada Sarvankar moves Supreme Court after Bombay High Court dismisses petition, issues notice to Mahesh Sawant
महाराष्ट्र की चर्चित माहीम विधानसभा सीट के चुनावी नतीजे को लेकर कानूनी जंग अब देश की शीर्ष अदालत तक पहुंच गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और पूर्व विधायक सदा सरवणकर ने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा तकनीकी आधारों पर उनकी चुनाव याचिका खारिज किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
नई दिल्ली/मुंबई: महाराष्ट्र की चर्चित माहीम विधानसभा सीट के चुनावी नतीजे को लेकर कानूनी जंग अब देश की शीर्ष अदालत तक पहुंच गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और पूर्व विधायक सदा सरवणकर ने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा तकनीकी आधारों पर उनकी चुनाव याचिका खारिज किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का संज्ञान लिया है और संबंधित पक्षों, मुख्य रूप से शिवसेना (UBT) विधायक महेश सावंत को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की है।
क्या है पूरा विवाद?
- आपराधिक मामले छुपाने का आरोप: सदा सरवणकर का आरोप है कि चुनाव के दौरान महेश सावंत ने अपने नामांकन पत्र (Affidavit) के साथ जमा किए गए हलफनामे में अपने खिलाफ दर्ज कुछ आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाकर मतदाताओं को गुमराह करने का आरोप है।
- तकनीकी आधार पर खारिज हुई थी याचिका: इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रक्रियात्मक और तकनीकी कारणों से सरवणकर की याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
- माहीम का चुनावी गणित: 2024 के विधानसभा चुनाव में माहीम सीट से शिवसेना (UBT) के महेश सावंत ने सदा सरवणकर को हराकर जीत हासिल की थी।


