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Read More... मुंबई: 'अगर हम पढ़े-लिखे होते तो ऑफिस में बैठते', मराठी नियम पर मुंबई के ऑटो ड्राइवरों की 3 दिन की हड़ताल
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By Online Desk
महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्सा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के फैसले ने राज्यभर की सियासत में गर्माहट तेज कर दी है। इसी बीच मुंबई में राज्य सरकार के इस फैसले के विरोध में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों का एक वर्ग सड़क पर उतर आया है। इन चालकों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार से तीन दिन की हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे यात्रियों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली : छात्रों ने किया यूजीसी के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन का एलान, कहा- नियमों से परिसरों में होगी अराजकता
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दिल्ली में मंगलवार को कुछ छात्रों ने UGC के नए नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। ये छात्र UGC के मुख्यालय के बाहर इकट्ठा होंगे। उनका कहना है कि नए नियमों से कॉलेज और विश्वविद्यालयों में अव्यवस्था फैल सकती है। विरोध कर रहे छात्रों ने सभी छात्रों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि UGC के नियम भेदभावपूर्ण हैं और इनके खिलाफ ज्यादा से ज्यादा छात्रों को आगे आकर आवाज उठानी चाहिए। छात्रों का कहना है कि तभी उनका विरोध मजबूती से सामने आ पाएगा। मुंबई : उद्धव ठाकरे की वो गलती, जिसने छीन ली बीएमसी की गद्दी, वरना अभी कहानी कुछ और होती
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मुंबई की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर हुआ है. बीएमसी मेंं अब ठाकरे की बादशाहत खत्म हो गई. भाजपा ने अपने 25 साल का वनवास खत्म कर बीएमसी चुनाव में विजय पताका लहरा दिया. बीएमसी यानी बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के चुनावों में भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना वाली महायुति ने शानदार जीत दर्ज की है. देवेंद्र फडणवीस की रणनीति के आगे उद्धव ठाकरे पानी भरते नजर आए. महायुति ने बीएमसी की कुल 227 सीटों में से 118 सीटें जीतीं. यह बीएमसी में बहुमत के 114 के आंकड़े से ज्यादा है. ...अगर मुस्लिम भारत में खुश नहीं तो पाकिस्तान से ज्यादा आबादी क्यों होती - सीतारमण
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वित्त मंत्री ने कहा कि अगर ऐसा होता तो भारत में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी कैसे होती। पीआईआईई के अध्यक्ष एडम एस पोसेन ने जब पश्चिमी मीडिया में भारत के मुस्लिम अल्पसंख्यकों से हिंसा के बारे में रिपोर्टिंग होने के बारे में पूछा, तो सीतारमण ने बड़ी बेबाकी से जवाब दिया। वित्त मंत्री ने कहा कि 1947 में आजादी के बाद से पाक के विपरीत भारत में मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ रही है। ऐसा केवल इसलिए है, क्योंकि भारत में हर तरह का मुसलमान अपना व्यवसाय कर रहा है, उनके बच्चों को शिक्षा दी जा रही है, फेलोशिप दी जा रही है। 
