मुंबई : रिश्वत लेते पकड़े गए दो लिपिक, कार्यालय सील
Mumbai: Two clerks caught taking bribe, office sealed
महाराष्ट्र एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बीती रात फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) मंत्री नरहरि झिरवाल के मंत्रालय स्थित ऑफिस में छापा मारकर दो क्लर्कों को 35,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इसके बाद एसीबी ने मंत्री का आफिस सील कर दिया है। इस घटना की छानबीन कर रहे अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि लातूर में एक दवा दुकानदार का लाइसेंस कैंसिल कर दिया गया था।
मुंबई : महाराष्ट्र एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बीती रात फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) मंत्री नरहरि झिरवाल के मंत्रालय स्थित ऑफिस में छापा मारकर दो क्लर्कों को 35,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इसके बाद एसीबी ने मंत्री का आफिस सील कर दिया है। इस घटना की छानबीन कर रहे अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि लातूर में एक दवा दुकानदार का लाइसेंस कैंसिल कर दिया गया था।
कैंसिल लाइसेंस को रिन्यू करने का अधिकार संबंधित डिपार्टमेंट के मंत्रियों के पास होता है। इस बारे में सुनवाई के बाद फैसला लिया जाता है। इसी सुनवाई के लिए मंत्री नरहरि झिरवाल के कार्यालय के लिपिक राजेंद्र धेरंग से शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये मांगे थे। इसकी जानकारी शिकायतकर्ता ने एसीबी को दी थी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने लिपिक को रात में मंत्रालय में तय रकम में से 35,000 रुपये देने के लिए बुलाया था। साथ ही इसकी जानकारी शिकायतकर्ता ने एसीबी को भी दी थी। एसीबी की टीम ने बीती रात मंत्रालय में घात लगाकर रिश्वत लेते दोनों लिपिकों को गिरफ्तार कर लिया है।
मंत्री नरहरि झिरवाल ने बताया कि उनके आफिस के दो लोगों को एसीबी ने गिरफ्तार किया है, लेकिन आफिस सील करने की जानकारी मुझे नहीं है। झिरवाल ने कहा कि इस मामले की गहन छानबीन एसीबी को करना चाहिए, इससे उनके विभाग की बदनामी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में अगर उनका नाम आया तो वे मंत्री पद का इस्तीफा दे देंगे।


