साइबर सेल के मुताबिक, ऑनलाइन गेमिंग वालों को निशाना बना रहे साइबर हैकर्स...
According to cyber cell, cyber hackers targeting online gaming...
मुंबई: खाली समय में लोग अक्सर ऑनलाइन गेम खेलना शुरू कर देते हैं। कुछ लोग यह ट्रेन, बस या कार में आते-जाते टाइमपास के लिए करते हैं, तो कुछ पैसे कमाने के लिए। ऑनलाइन गेम में कई पेड गेम होते हैं, जो पैसे कमाने के ऑफर देते हैं और ऐसे ही गेम पर साइबर हैकर्स की नजर रहती है।
साइबर सेल के मुताबिक, इन दिनों ऑनलाइन गेम खेलने वालों को हैकर्स अपना शिकार बना रहे हैं। हैकर्स गेम के जरिए व्यक्तिगत जानकारी ले लेते हैं और आकर्षक गिफ्ट्स एवं कूपन वाले मेसेज भेजते हैं। गेल खेलने वाला व्यक्ति जैसे ही इन लिंक्स पर क्लिक करता है, साइबर क्रिमिनल का शिकार हैकर बैंक अकाउंट खाली करवा बैठता है।
दिंडोशी पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग के शौकीन 68 वर्षीय एक बुजुर्ग से पहले दोस्ती की। फिर उनके मोबाइल पर ऑनलाउन गेम खेलने के बहाने एक मेसेज भेजा। मेसेज में ऑनलाइन भुगतान ऐप का लिंक था। जैसे ही बुजुर्ग ने मेसेज पढ़कर लिंक ओपन कर ऐप को डाउनलोड किया। उनके बैंक खाते से 22 लाख रुपये निकाल लिए गए। एसीपी संजय पाटील के अनुसार, इस तरह से आरोपियों ने और भी लोगों को ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में ठगा होगा।
साइबर एक्सपर्ट विवेक दहिया बताते हैं कि गेमिंग के बहाने ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाने के लिए हैकर्स निजी जानकारी चुराते हैं। उनके बैकों तक पहुंचने के लिए गेम खेलने के दौरान कैश प्राइज पाने को रजिस्ट्रेशन करवाते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए अधिकृत पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी आदि ऑनलाइन जमा करवा लेते हैं। दहिया के अनुसार, एक बार हैकर्स के जाल में फंस जाने के बाद उनके चंगुल से निकलना मुश्किल हो जाता है, इसलिए सोच-समझ कर ही ऑनलाइन गेम खेलना चाहिए।


