मीरा-भायंदर में सरकारी टेम्बा अस्पताल खुद बीमार... नर्स के 50 प्रतिशत पद खाली
Government Temba Hospital itself sick in Mira-Bhayander 50% posts of nurses are vacant
भायंदर : मीरा-भायंदर में राज्य सरकार का एक मात्र पंडित भीमसेन जोशी (टेम्बा) अस्पताल खुद खुलने के बाद से बीमार है। राज्य सरकार के अधीन हुए तीन साल बीत जाने के बाद भी इसकी सेहत में सुधार नहीं हो रहा है।
अस्पताल में डॉक्टर्स, नर्स, स्टॉफ, चिकित्सा सुविधा और सेवा की भारी कमी है। यहां तक की मरीजों को खाने तक की व्यवस्था भी सरकार की ओर से नहीं कराई जा सकी है।
इस अस्पताल को मीरा-भायंदर महानगरपालिका ने बनाया और शुरू किया था। साल 2019 में इसे राज्य सरकार ने टेकओवर कर लिया ।
सरकार द्वारा नियुक्त अस्पताल नियामक मंडल के सदस्य और पूर्व नगरसेवक ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया की अस्पताल में डॉक्टर्स, नर्स,स्टॉफ के 365 पद मंजूर हैं।
जिसमें से 178 पद खाली है। इनमें 18 सीनियर डॉक्टर के पूरे पद खाली है, जबकि 18 जूनियर डॉक्टर में से 13 ही हैं। नर्स के 66 में से 28 पद खाली हैं।
ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, डायलिसिस टेक्नीशियन तक नहीं हैं। ऑपरेशन रूम में बारिश का पानी रिस रहा है।
मरीजों के लिए भोजन एनजीओ की मदद से उपलब्ध कराया जा रहा है। ठेके पध्दति पर कार्यरत 135 अस्पताल कर्मियों का तीन महीने से वेतन नहीं मिला है।
अस्पताल के लिए 25 करोड़ रुपए अनुदान मंजूर होने और उसमें से 5 करोड़ रुपए तत्काल मुहैया कराने का आदेश जारी हो जाने की जानकारी विधायक प्रताप सरनाईक ने की है। उनका दावा है कि इस रकम से अस्पताल को सुपर स्पेशिलिटी बना दिया जाएगा।
कांग्रेस नगरसेवक राजीव मेहरा ने कहा कि विधायक की सोच अच्छी है, लेकिन सच्चाई से परे हैं। पहले बीमार अस्पताल को ठीक करें। फिर सुपर-डुपर स्पेशिलिटी अस्पताल बनाने की सोंचे।


