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Read More... पुणे में 100+ इलाकों में दूषित जल संकट... मनपा पर सवाल, जनता में आक्रोश
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By Online Desk
मलनिस्सारण विभाग के तहत आने वाले जोन क्रमांक 1 से 5 में सीवर लाइनों के जाम होने के कारण मलजल पेयजल की पाइपलाइनों में रिस रहा है। घनी बस्तियों में जल वितरण और निकासी की व्यवस्था इतनी जर्जर हो चुकी है कि दोनों पाइपलाइने एक-दूसरे के बेहद करीब या एक ही स्तर पर बिछी हुई हैं। ऐसे में पाइपलाइन फटने या रिसाव होने की स्थिति में सीवेज सीधे पीने के पानी में मिल रहा है। प्रशासन का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए जलापूर्ति और ड्रेनेज विभाग के कार्यों हेतु 20 करोड़ 20 लाख रुपये का फंड ट्रांसफर किया गया है, लेकिन धरातल पर सुधार की गति कछुआ चाल से भी धीमी है। पिछले चार वर्षों से पुणे मनपा में प्रशासक राज लागू होने के कारण निर्वाचित जनप्रतिनिधि मौजूद नहीं थे। मुंबई : 18 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में गहराते संकट; रेजिडेंट डॉक्टरों के काम करने और रहने की स्थिति प्रभावित
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सेंट्रल महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स द्वारा किए गए हालिया राज्यव्यापी सर्वे ने महाराष्ट्र के 18 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में गहराते संकट को उजागर किया है, जिससे 5,800 से ज़्यादा पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट डॉक्टरों के काम करने और रहने की स्थिति प्रभावित हो रही है। MARD डॉक्टरों ने बताया कि सर्वे के नतीजों से अस्पताल की सुरक्षा में बड़ी कमियां, रहने लायक न होने वाली हॉस्टल सुविधाएं, देरी से मिलने वाला स्टाइपेंड और अपर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर सामने आया है - ये ऐसी स्थितियां हैं जो डॉक्टरों को जोखिम में डाल रही हैं और पूरे महाराष्ट्र में मरीजों की देखभाल से समझौता कर रही हैं। मुंबई : मायानगरी में गहरा रहा सांसों पर संकट, मुंबई का AQI पहुंचा 'बहुत खराब' स्थिति में
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हमेशा तेज़ी और हलचल से भरा रहता है, इन दिनों बढ़ते प्रदूषण की वजह से चिंता में है। सुबह की हल्की धुंध में घुली धूल और धुएं ने शहर की हवा को इतना भारी कर दिया है कि लोग बाहर निकलने से पहले सोच रहे हैं। मुंबई की सड़कों, समुद्र किनारों और बाजारों में हवा में मौजूद धूलकण साफ महसूस किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों की माने तो यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो लोगों में सांस की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं। मुंबई : 1300 एमएलडी गंदा पानी सीधे अरब सागर में छोड़ा जा रहा है; गंभीर पर्यावरणीय संकट
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देश की आर्थिक राजधानी, इस समय एक गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना कर रही है। हर दिन शहर से करीब 1300 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) बिना शुद्ध किया गया गंदा पानी सीधे अरब सागर में छोड़ा जा रहा है। इसमें घरेलू सीवेज के साथ-साथ औद्योगिक कचरा भी शामिल है। नतीजा यह है कि समुद्र तटों पर बदबू, समुद्री जीवन को नुकसान और स्थानीय मछुआरों की रोज़ी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है। 
