मुंबई : महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल पर सवाल, वालधुनी नदी सफाई के लिए न फंड, न योजना
Mumbai: Maharashtra Pollution Control Board faces questions; no funds, no plans for cleaning Waldhuni River
वालधुनी नदी की स्थिति को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) के कल्याण उप-प्रादेशिक कार्यालय से सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में नदी से जुड़ी गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। वालधुनी नदी स्वच्छता सेवाभावी संस्था के अध्यक्ष सुनील उतेकर द्वारा पिछले 5 वर्षों की जानकारी मांगे जाने पर पता चला कि इस अवधि में नदी के मुद्दे पर सामाजिक और राजनीतिक जनप्रतिनिधियों द्वारा बेहद कम पत्राचार किया गया।
मुंबई : वालधुनी नदी की स्थिति को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) के कल्याण उप-प्रादेशिक कार्यालय से सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में नदी से जुड़ी गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। वालधुनी नदी स्वच्छता सेवाभावी संस्था के अध्यक्ष सुनील उतेकर द्वारा पिछले 5 वर्षों की जानकारी मांगे जाने पर पता चला कि इस अवधि में नदी के मुद्दे पर सामाजिक और राजनीतिक जनप्रतिनिधियों द्वारा बेहद कम पत्राचार किया गया।
उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार केवल सुनील उतेकर और निशांत कांबले के दो पत्र ही दर्ज पाए गए हैं। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने भी वालधुनी नदी के संबंध में शासन को कोई पत्र नहीं भेजा। यानी इस मुद्दे पर विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई।
नहीं खोला खर्च का खाता, न ही अलग बजट की व्यवस्था
आरटीआई में यह भी खुलासा हुआ कि वालधुनी नदी की सफाई के लिए पिछले पांच वर्षों में कोई निधि (फंड) उपलब्ध नहीं कराया गया। इतना ही नहीं, नदी से संबंधित कार्यों के लिए कोई अलग अकाउंट हेड या खर्च का खाता भी नहीं खोला गया है।
विभाग की निष्क्रियता पर उठे सवाल
इन तथ्यों के सामने आने के बाद संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए है। वालधुनी नदी स्वच्छता सेवाभावी संस्था ने आरोप लगाया है कि अधिकारी केवल दफ्तरों तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। मामले को लेकर संस्था ने कड़ा रुख अपनाते हुए जल्द ही तीव्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।


