मुंबई : बढ़ा गर्मी का प्रकोप, हीट स्ट्रोक के मरीज पहुंच रहे अस्पताल, मीरा रोड का बुरा हाल
Mumbai: Heat wave intensifies, heat stroke patients rush to hospital, Mira Road in bad shape
मार्च में मुंबई एमएमआर में जमकर गर्मी पड़ी नतीजतन मुंबई से सटे मीरा रोड वॉकहार्ट अस्पताल में हीट स्ट्रोक मामले सामने आने लगे है। अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पवन पई ने बताया कि मिड मार्च से अब तक पास कम से कम 2 से 3 मरीज स्ट्रोक जैसे लक्षणों के साथ पहुंचे जिनमें ज्यादातर की उम्र 50 व अधिक रही। मार्च की शुरुआत से अब तक में 4 बार और एमएमआर में 8 हीट वेव चली है। शहर में ताप बढ़ने के साथ ही हीट से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं भी सामने आने लगी।
मुंबई : मार्च में मुंबई एमएमआर में जमकर गर्मी पड़ी नतीजतन मुंबई से सटे मीरा रोड वॉकहार्ट अस्पताल में हीट स्ट्रोक मामले सामने आने लगे है। अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पवन पई ने बताया कि मिड मार्च से अब तक पास कम से कम 2 से 3 मरीज स्ट्रोक जैसे लक्षणों के साथ पहुंचे जिनमें ज्यादातर की उम्र 50 व अधिक रही। मार्च की शुरुआत से अब तक में 4 बार और एमएमआर में 8 हीट वेव चली है। शहर में ताप बढ़ने के साथ ही हीट से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं भी सामने आने लगी।
मीरा रोड स्थित वॉकहार्ट अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पवन पई ने बताया कि डॉक्टर हाल के दिनों में मेरे 2 से 3 ऐसे मरीज आए हैं, जिनमें स्ट्रोक जैसे लक्षण दिखाई दिए। मरीजों की उम्र सामान्यतः 50 व अधिक थी। जिससे यह स्पष्ट हो कि बुजुर्गो में इसका खतरा ज्यादा है। उन्होंने आगे बताया कि हीट स्ट्रोक का डायग्नोसिस पूरी तरह क्लीनिकल होता है।
मरीजों में अचानक चक्कर आना (गिडीनेस), उल्टी, सिरदर्द और बैलेंस खोने जैसे लक्षण देखे गए। हालांकि, समय पर कूलिंग और पर्याप्त हाइड्रेशन देने से मरीजों की स्थिति में सुधार हो जाता है। तेज धूप और डिहाइड्रेशन ही इसके प्रमुख कारण हैं। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
क्या है हीट स्ट्रोक?
हीट स्ट्रोक ऐसी अवस्था है, जिसमें पीड़ित के शरीर का तापमान अत्यधिक धूप या गर्मी की वजह से बढ़ने लगता है। हीट स्ट्रोक की स्थिति में शरीर की प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम सुचारू रूप से काम करना बंद कर देता है, जिसकी वजह से शरीर का तापमान कम नहीं हो पाता। इससे शरीर का तापमान बढ़ता जाता है और अगर सही समय पर इलाज नहींकरवाया तो मरीज की जान भी जा सकती है।
हीट स्ट्रोक के कारण
हीट स्ट्रोक तेज धूप या अत्यधिक गर्मी/तापमान के कारण होता है। लेकिन हीट स्ट्रोक के और भी कई कारण होते हैं। निर्जलीकरण, थाइराइड में असतुलन पैदा होना, शरीर में रक्त शर्करा में कमी आना (ऐसा मधुमेह के मरीजों में होता है।)
हीट स्ट्रोक के लक्षण
गर्मी के दिनों में या तेज धूप में काम करने से यदि आपको चक्कर आने लगें या उलटी- मितली जैसा लगे तो यह स्ट्रोक के लक्षण है।
इन बातों का रखें ख्याल
डॉ. पई ने सलाह दी है कि सुबह के समय ही एक्सरसाइज या आउटडोर गतिविधिया पूरी कर ले और कार्यस्थल पर भी ठंडा वातावरण सुनिश्चित करें। पानी पीते रहे और अपने आप को हाइड्रेट रखें।


