मुंबई : रेलवे स्टेशनों पर अत्याधुनिक फेशियल रिकग्निशन की नजर! 463 कैमरों से अपराधियों पर ऐसे कस रहा शिकंजा

Mumbai: Railway stations are under the scanner for state-of-the-art facial recognition! 463 cameras are tightening the noose on criminals.

मुंबई : रेलवे स्टेशनों पर अत्याधुनिक फेशियल रिकग्निशन की नजर! 463 कैमरों से अपराधियों पर ऐसे कस रहा शिकंजा

रेलवे स्टेशनों पर अब अपराधियों के लिए बच निकलना आसान नहीं रहा. अत्याधुनिक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम की मदद से पुलिस और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स  तेजी से अपराध सुलझा रही है और संदिग्धों की पहचान कर रही है. मुंबई डिवीजन में आरपीएफ के कुल 3,675 सीसीटीवी कैमरों में से 463 कैमरे इस सिस्टम से जुड़े हुए हैं, जो चर्चगेट से लेकर सूरत और जलगांव तक फैले 114 स्टेशनों को कवर करते हैं. 

 

मुंबई : रेलवे स्टेशनों पर अब अपराधियों के लिए बच निकलना आसान नहीं रहा. अत्याधुनिक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम की मदद से पुलिस और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स  तेजी से अपराध सुलझा रही है और संदिग्धों की पहचान कर रही है. मुंबई डिवीजन में आरपीएफ के कुल 3,675 सीसीटीवी कैमरों में से 463 कैमरे इस सिस्टम से जुड़े हुए हैं, जो चर्चगेट से लेकर सूरत और जलगांव तक फैले 114 स्टेशनों को कवर करते हैं. 

 

Read More छत्रपति संभाजीनगर जिले में एक अजीबोगरीब घटना; युवक के पीछे आवारा कुत्ते पड़ गए, गहरे कुएं में जा गिरा

पुलिस को मिली बड़ी मदद
इस तकनीक ने हाल के कई मामलों में अहम भूमिका निभाई है. पुर्तगाली महिला से छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी, गुमशुदा 14 वर्षीय बच्चे का पता लगाना और हत्या जैसे मामलों को सुलझाने में एफआरएस ने पुलिस को बड़ी मदद दी है. 

Read More महाराष्ट्र की मस्जिद में ब्लास्ट, AIMIM नेता ने आरोपियों पर UAPA लगाने की उठाई मांग

यह सिस्टम चेहरे की बनावट जैसे आंखों के बीच की दूरी, नाक, कान और चेहरे की संरचना का विश्लेषण कर एक यूनिक फेसप्रिंट तैयार करता है. जैसे ही कोई संदिग्ध व्यक्ति कैमरे के सामने आता है, सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करता है.

Read More मुंबई: मनसे कार्यकर्ताओं ने मराठी न बोलने पर गैर-मराठी भाषी समुदायों के लोगों पर किया हमला ; पांच घटनाओं की सूची

मुंबई पुलिस के कैमरों से जोड़ने की तैयारी
एफआरएस नेटवर्क को मुंबई पुलिस के हजारों कैमरों से भी जोड़ने की तैयारी चल रही है, जिससे शहरभर में निगरानी और मजबूत होगी. साथ ही, 2024 में ही एनआईए और सीबीआई जैसी एजेंसियों द्वारा ट्रैक किए जा रहे 10,000 से ज्यादा लोगों की तस्वीरें इस सिस्टम में अपलोड की गई हैं.

Read More CM फडणवीस ने अवैध दरगाह को मई 2025 तक ध्वस्त करने का दिया आदेश...

पश्चिम रेलवे में सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने बताया कि मुंबई वेस्टर्न रेलवे देश का पहला ऐसा डिवीजन है जहां इस तकनीक को बड़े स्तर पर लागू किया गया. अब इसे देशभर के अन्य रेलवे नेटवर्क में भी विस्तार देने की योजना है. खास बात यह है कि यह सिस्टम सिर्फ अपराधियों को पकड़ने में ही नहीं, बल्कि भीड़भाड़ वाले स्टेशनों से गुम हुए बच्चों को ढूंढने में भी बेहद कारगर साबित हो रहा है. 

अब तक लगे 4500 सीसीटीवी
उन्होंने आगे बताया की यात्रियों की सुरक्षा और उनके प्रति सावधानी बरतना पश्चिमी रेलवे के लिए सर्वोपरि है, सुरक्षा के लिए रेलवे के सभी स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों के ज़रिये कड़ी निगरानी की जाती है. अभी तक लगभग 4500 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं और आने वाले एक-दो सालों में यह संख्या बढ़कर 7000 से भी ऊपर हो जाएगी. 

आधुनिक तकनीकों का किया जा रहा इस्तेमाल
विनीत अभिषेक ने ये भी बताया कि ये कैमरे सिर्फ वीडियो ही नहीं रिकॉर्ड करते, बल्कि इनमें फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक), क्राउड मैनेजमेंट (भीड़ नियंत्रण) के लिए डिसीजन-मेकिंग सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

इन मामलों में मिली मदद
इस तकनीक की मदद से रेलवे को अपराधियों को पकड़ने, खोए हुए बच्चों को खोजने और रेलवे परिसर के अंदर या बाहर होने वाले अपराधों को सुलझाने में काफी मदद मिली है.