मुंबई : पर्यटकों के लिए मासिक पास शुरू; हरा-भरा मालाबार हिल वॉकवे आकर्षण का केंद्र 

Mumbai: Monthly passes launched for tourists; lush Malabar Hill walkway a highlight

मुंबई : पर्यटकों के लिए मासिक पास शुरू; हरा-भरा मालाबार हिल वॉकवे आकर्षण का केंद्र 

दक्षिण मुबंई का हरा-भरा मालाबार हिल वॉकवे आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। मुंबई महानगरपालिका ने अब इसके लिए मासिक पास की सुविधा उपलब्ध कराई है। इससे नियमित रूप से वॉक करने वालों को राहत मिलेगी। लगभग 485 मीटर लंबा और 2.4 मीटर चौड़ा एलिवेटेड वॉकवे अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समुद्र के मनमोहक दृश्यों के लिए जाना जाता है। इस पर बने व्यूइंग डेक से अरब सागर का शानदार नजारा दिखाई देता है।

 

मुंबई : दक्षिण मुबंई का हरा-भरा मालाबार हिल वॉकवे आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। मुंबई महानगरपालिका ने अब इसके लिए मासिक पास की सुविधा उपलब्ध कराई है। इससे नियमित रूप से वॉक करने वालों को राहत मिलेगी। लगभग 485 मीटर लंबा और 2.4 मीटर चौड़ा एलिवेटेड वॉकवे अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समुद्र के मनमोहक दृश्यों के लिए जाना जाता है। इस पर बने व्यूइंग डेक से अरब सागर का शानदार नजारा दिखाई देता है।

 

Read More  मुंबई: स्ंटैडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा को झटका; मुंबई पुलिस ने मांग को कर दिया खारिज

लकड़ी के स्ट्रक्चर और स्टील सपोर्ट से बना ट्रेल पर्यावरण के अनुकूल डिजाइन किया गया है। मनपा ने मासिक पास की कीमत 750 रुपये रखी है। इस पास के जरिए एक व्यक्ति को रोजाना एक बार वॉकवे में प्रवेश करने की अनुमति होगी। नई व्यवस्था से खासकर स्थानीय निवासियों और फिटनेस प्रेमियों को राहत मिलेगी। वॉकवे पर सैर करने आने वालों को प्रति विजिट टिकट लेना पड़ता था।

Read More मुंबई: मनसे वर्कर्स यूनियन के सचिव समेत छह लोग अपहरण और 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार

वर्तमान में वॉकवे के लिए प्रवेश शुल्क भारतीय नागरिकों के लिए 25 रुपये और विदेशी नागरिकों के लिए 100 रुपये निर्धारित है। मासिक पास के साथ यह सुविधा भी जारी रहेगी। वॉकवे सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहता है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मनपा ने स्लॉट सिस्टम भी लागू किया है। इसके तहत हर दिन 16 स्लॉट निर्धारित किए गए हैं। हर स्लॉट में 200 लोगों को प्रवेश दिया जाता है, जिससे कुल दैनिक क्षमता 3,200 आगंतुकों तक सीमित रहती है।
 

Read More मुंबई : स्कूल- कॉलेजों के छात्र- छात्राएं ड्रग्स के शिकार