मुंबई : कोऑपरेटिव सेक्टर में बड़ा बदलाव, नई नीति जल्द
Mumbai: Major change in the cooperative sector, new policy soon
राज्य के सहकारिता क्षेत्र को सक्रिय, पारदर्शी व सशक्त बनाने के लिए जल्द ही एक नई कोऑपरेटिव पॉलिसी लागू की जाएगी। यह घोषणा मंगलवार को विधान परिषद में बाबासाहेब पाटिल ने की। भाजपा के प्रवीण दरेकर व अन्य सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में मंत्री पाटिल ने कहा कि इस नई पॉलिसी के लिए 15 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है और इसमें एक्सपर्ट्स, एक्टिविस्ट्स और राज्य के अलग-अलग हिस्सों की युवा पीढ़ी के सुझावों को शामिल किया जाएगा।
मुंबई : राज्य के सहकारिता क्षेत्र को सक्रिय, पारदर्शी व सशक्त बनाने के लिए जल्द ही एक नई कोऑपरेटिव पॉलिसी लागू की जाएगी। यह घोषणा मंगलवार को विधान परिषद में बाबासाहेब पाटिल ने की। भाजपा के प्रवीण दरेकर व अन्य सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में मंत्री पाटिल ने कहा कि इस नई पॉलिसी के लिए 15 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है और इसमें एक्सपर्ट्स, एक्टिविस्ट्स और राज्य के अलग-अलग हिस्सों की युवा पीढ़ी के सुझावों को शामिल किया जाएगा।
इस पॉलिसी में पारदर्शिता, कार्यक्षमता और विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य में अभी 2.33 लाख कोऑपरेटिव सोसाइटी चल रही हैं। इसमें 1.21 लाख हाउसिंग सोसाइटी, 21,284 एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटी और 422 अर्बन कोऑपरेटिव बैंक शामिल हैं। कोऑपरेटिव बैंकों में डिपॉजिट 3.8 लाख करोड़ तक पहुंच गया है और इस सेक्टर से करीब 4.30 लाख नौकरियां पैदा हुई हैं।
इस बीच दरेकर ने अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों की समस्याओं पर चिंता जताते हुए अर्जेंट मीटिंग बुलाने की मांग की। इस पर मंत्री पाटिल ने मुश्किल में फंसे बैंकों को आर्थिक मदद देने और फैसले लेने की प्रक्रिया में तेजी लाने का भरोसा दिया।


