sector
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... महाराष्ट्र : नासिक में म्हाडा कार्रवाई के बाद निर्माण क्षेत्र की रफ्तार धीमी... प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए इंतजार कर रहे बिल्डर
Published On
By Online Desk
नासिक में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से शहरीकरण हुआ है। आबादी बढ़ने के साथ आवास, व्यावसायिक स्थान और नए आवासीय प्रोजेक्ट की मांग भी बढ़ी है। इसके चलते मनपा के नगररचना विभाग के पास लगातार नए प्रस्ताव आते रहे हैं। लेकिन म्हाडा प्रकरण में कथित फर्जी दस्तावेज, भूखंड विभाजन और 20 प्रतिशत समावेशी आवास योजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुई कार्रवाई के बाद निर्माण क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना है। मुंबई : कंस्ट्रक्शन सेक्टर को राहत, खुदाई रॉयल्टी माफ और नॉन-एग्रीकल्चरल परमिशन ऑनलाइन ₹ 83.7 6
Published On
By Online Desk
कंस्ट्रक्शन सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए, महाराष्ट्र के रेवेन्यू मिनिस्टर चंद्रशेखर बावनकुले ने खुदाई की रॉयल्टी माफ करने और नॉन-एग्रीकल्चरल परमिशन प्रोसेस को डिजिटाइज़ करने जैसे बड़े सुधारों का ऐलान किया है। ये फैसले मंत्रालय में क्रेडाई के रिप्रेजेंटेटिव के साथ हुई मीटिंग में लिए गए। नई पॉलिसी के अनुसार, अगर कंस्ट्रक्शन के दौरान खोदे गए माइनर मिनरल्स को उसी प्रोजेक्ट साइट पर दोबारा इस्तेमाल किया जाता है, तो डेवलपर्स से कोई रॉयल्टी नहीं ली जाएगी। इस कदम से प्रोजेक्ट की कुल लागत में कमी आने की उम्मीद है और डेवलपर्स पर फाइनेंशियल दबाव कम होगा। मुंबई : कोऑपरेटिव सेक्टर में बड़ा बदलाव, नई नीति जल्द
Published On
By Online Desk
राज्य के सहकारिता क्षेत्र को सक्रिय, पारदर्शी व सशक्त बनाने के लिए जल्द ही एक नई कोऑपरेटिव पॉलिसी लागू की जाएगी। यह घोषणा मंगलवार को विधान परिषद में बाबासाहेब पाटिल ने की। भाजपा के प्रवीण दरेकर व अन्य सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में मंत्री पाटिल ने कहा कि इस नई पॉलिसी के लिए 15 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है और इसमें एक्सपर्ट्स, एक्टिविस्ट्स और राज्य के अलग-अलग हिस्सों की युवा पीढ़ी के सुझावों को शामिल किया जाएगा। कल्याण-ठाणे-परेल सेक्टर पर 7वीं और 8वीं रेल लाइन बिछाने के लिए चल रही है स्टडी
Published On
By Online Desk
10.8 किलोमीटर लंबा ठाणे-कल्याण रेलवे के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। इस स्ट्रेच से हर दिन लगभग 1,000 ट्रेनें गुजरती हैं, जबकि ठाणे, दिवा और कल्याण जैसे स्टेशन भी बड़ी संख्या में रोज़ाना सफ़र करने वाले यात्रियों के लिए इंटरचेंज पॉइंट का काम करते हैं। सेंट्रल रेलवे के अधिकारी अब ट्रेन संचालन को सुचारू बनाने और यात्रियों की परेशानियों को कम करने के लिए एक योजना पर काम कर रहे हैं - कल्याण-ठाणे-परेल सेक्टर पर 7वीं और 8वीं रेल लाइन बिछाने के लिए स्टडी चल रही है, जिसमें डोंबिवली में अंडरग्राउंड जाने की संभावना भी शामिल है। 
