मुंबई के आसपास रेलवे नेटवर्क और होगा मजबूत, मंत्रालय ने दी मंजूरी
Railway network around Mumbai to be strengthened, Ministry gives approval
भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर सुरक्षा और संचार व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए 1,236 करोड़ रुपये की तीन बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. इन प्रोजेक्ट से ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ेगी, संचार नेटवर्क आधुनिक बनेगा और कवच सिस्टम को तेजी से लगाया जा सकेगा. रेल मंत्रालय ने इन प्रस्तावों को हरी झंडी दी है. तीनों कवच में दो ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से संबंधित हैं और एक कचव 4.0 ट्रेन सुरक्षा प्रणाली से जुड़ी है.
मुंबई : भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर सुरक्षा और संचार व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए 1,236 करोड़ रुपये की तीन बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. इन प्रोजेक्ट से ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ेगी, संचार नेटवर्क आधुनिक बनेगा और कवच सिस्टम को तेजी से लगाया जा सकेगा. रेल मंत्रालय ने इन प्रस्तावों को हरी झंडी दी है. तीनों कवच में दो ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से संबंधित हैं और एक कचव 4.0 ट्रेन सुरक्षा प्रणाली से जुड़ी है.
सेंट्रल रेलवे के सभी पांच डिवीजनों में मजबूत ड्यूल फाइबर कम्युनिकेशन नेटवर्क बनाने के लिए 623.63 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इसमें सोलापुर, नागपुर, पुणे, भुसावल और मुंबई डिवीजन शामिल हैं. 2,250 किलोमीटर रूट पर ओवरहेड वायर लगाई जाएगी जो ट्रैक्शन लाइन की सुरक्षा के साथ हाई-स्पीड संचार भी करेगी. इसके अलावा 2,673 किलोमीटर रूट पर अंडरग्राउंड 2×48 फाइबर केबल बिछाई जाएगी. दोनों तरफ अलग-अलग फाइबर पाथ बनाया जाएगा, जिससे एक खराब हो जाए तो दूसरा काम करता रहेगा. ट्रेनों का ऑपरेशन बाधित न हो. अतिरिक्त फाइबर को डार्क फाइबर के रूप में लीज पर देकर रेलवे अतिरिक्त आय भी हो सकेगी.
दक्षिण भारत के व्यस्त रूटों पर कचव 4.0 सिस्टम लगाने के लिए 310.18 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. यह सिस्टम तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में 548 किलोमीटर रूट पर लगाया जाएगा. इसमें जोलारपेट्टई-ईरोड (180 किमी), चेन्नई बीच-ताम्बरम-चेंगलपट्टू (60 किमी) और शोरानूर-मंगलौर (308 किमी) शामिल हैं. कवच सिस्टम ट्रेन को अपने आप ब्रेक लगाकर एक्सडेंट से रोकता है और सिग्नल पास करने पर भी रोकता है.
वेस्टर्न रेलवे के गुजरात स्थित राजकोट और भावनगर डिवीजनों में फाइबर नेटवर्क पूरा करने के लिए 302.26 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. कुल 1,653 किलोमीटर रूट पर 2×48 फाइबर केबल बिछाई जाएगी. इससे इन डिवीजनों में फाइबर बैकबोन पूरा हो जाएगा और कचव सिस्टम को बिना देरी के लगाया जा सकेगा.ये परियोजनाएं भारतीय रेलवे की मार्डन बनाएंगी हैं.


