कांग्रेस का संगठन मजबूती पर जोर...भारत तोड़ों का जवाब देंगे भारत जोड़ों से: पटोले
Congress's emphasis on strengthening the organization...India will answer the splits from India's joints: Patole
मुंबई : महाविकास आघाड़ी सरकार के सत्ता से जाने के बाद कांग्रेस ने अपने संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया है। उदयपुर में हुए कांग्रेस के मंथन शिविर की तर्ज पर प्रदेश कांग्रेस का शिर्डी में नवसंकल्प शिविर के घोषणपत्र को राज्यभर में लागू किया जाएगा, इसके लिए 100 दिवसीय एक्शन कार्यक्रम चलाया जाएगा।
इस फैसले की जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि पार्टी भारत तोडो का जवाब भारत जोड़ों अभियान के माध्यम से देगी। उदयपुर के मंथन शिविर की तर्ज पर शिर्डी में आयोजित नवसंकल्प शिविर में छह विषयों के लिए छह समूह बनाए गए थे। इन छह समूहों ने चर्चा कर अपनी रिपोर्ट पेश की। इसके अनुसार शिर्डी घोषणापत्र और एक्शन कार्यक्रम तैयार किया गया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस बढ़ती महंगाई, अर्थव्यवस्था, अग्निपथ, राजमार्ग, आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी लगाने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस आवाज उठाएगी। राज्य भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 9 से 15 अगस्त तक जिलों में पदयात्रा निकालकर जन जागरूकता पैदा की जा जाएगी। साथ ही 2 अक्टूबर से भारत जोड़ो का आयोजन किया जाएगा। पटोले ने कहा कि केंद्र सरकार की नाकामी से भी जनता को अवगत कराया जाएगा, जबकि कांग्रेस के विचार को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता बाला साहेब थोरात ने कहा कि शिर्डी कार्यशाला में राज्य भर से 300 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। दो दिवसीय मंथन सत्र में कांग्रेस के लिए एक दिशा दर्शक कार्यक्रम बनाया गया। थोरात ने कहा कि हम इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए कड़ा रुख अपनाएंगे और लोगों के हित के लिए इन सभी मुद्दों को आगे बढ़ाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि राज्य में समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन करना है या नहीं, यह तय करने के लिए जिला स्तर पर एक समीक्षा समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति के निर्णय पर विचार करते हुए राज्य स्तर पर गठबंधन का फैसला लिया जाएगा।
भारी वर्षा प्रभावितों को मदद की मांग
कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर भारी वर्षा से प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने भारी वर्षा की वजह से मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख और प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपए की मदद देने की मांग की।


