मुंबई : मेयर बंगले का 3.48 करोड़ से रेनोवेशन, 1931 का हेरिटेज भवन होगा रिस्टोर
Mumbai: Mayor's bungalow to be renovated at a cost of Rs 3.48 crore; 1931 heritage building to be restored
बायकुला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले बॉटनिकल गार्डन और ज़ू परिसर में बने मेयर के आधिकारिक बंगले को लंबे समय बाद रेनोवेट और रिस्टोर किया जाएगा। यह बंगला पिछले लगभग चार साल से बंद पड़ा था। अब बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने इसके पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए करीब 3.48 करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव तैयार किया है और इसे अंतिम मंजूरी के लिए स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा गया है।
मुंबई : बायकुला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले बॉटनिकल गार्डन और ज़ू परिसर में बने मेयर के आधिकारिक बंगले को लंबे समय बाद रेनोवेट और रिस्टोर किया जाएगा। यह बंगला पिछले लगभग चार साल से बंद पड़ा था। अब बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने इसके पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए करीब 3.48 करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव तैयार किया है और इसे अंतिम मंजूरी के लिए स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा गया है।
यह ऐतिहासिक बंगला वर्ष 1931 में बनाया गया था और इसे हेरिटेज भवन का दर्जा प्राप्त है। लगभग 6,000 वर्ग फुट में फैला यह बंगला सागौन की लकड़ी से निर्मित है और इसकी छत पारंपरिक टाइलों से बनी हुई है। इसकी वास्तुकला पुराने समय की शैली को दर्शाती है, जो इसे एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संरचना बनाती है। नगर प्रशासन के अनुसार, इस बंगले के रेनोवेशन को प्राथमिकता दी गई है ताकि अगले मेयर के कार्यभार संभालने से पहले इसे पूरी तरह तैयार किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि भवन की संरचनात्मक स्थिति को देखते हुए मरम्मत और पुनर्स्थापन का कार्य जरूरी हो गया था।
सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में मेयर रितु तावड़े ने पदभार संभालने के बाद इस बंगले का दौरा किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कुछ जरूरी मरम्मत और सुधार के सुझाव दिए थे, जिन्हें बाद में रेनोवेशन प्लान में शामिल किया गया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के प्रस्ताव में बंगले की मूल संरचना को बनाए रखते हुए जरूरी मरम्मत और आधुनिक सुविधाओं के सीमित सुधार का प्रावधान रखा गया है, ताकि इसकी हेरिटेज पहचान सुरक्षित रहे। स्टैंडिंग कमेटी की मंजूरी मिलने के बाद रेनोवेशन कार्य शुरू किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य न केवल भवन को उपयोग के योग्य बनाना है, बल्कि इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित रखना है। नगर निकाय अधिकारियों का कहना है कि यह बंगला मुंबई के शहरी इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। इसी वजह से इसके पुनर्निर्माण में विशेष सावधानी बरती जा रही है।


