मीरा रोड चाकूबाजी केस की जांच एंटी-टेररिज्म स्क्वाड ने संभाली, आईएसआईएस लिंक की आशंका से बढ़ी जांच
Anti-Terrorism Squad takes over investigation into Mira Road stabbing case, probe intensified due to suspected ISIS links
एंटी-टेररिज्म स्क्वाड ने मीरा रोड के नया नगर इलाके में हुए चाकूबाजी मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। शुरुआती पुलिस जांच के बाद अब इस मामले को संभावित आतंकी एंगल से भी खंगाला जा रहा है, क्योंकि आरोपी के घर से कथित रूप से इस्लामिक स्टेट से जुड़ा संदिग्ध सामान बरामद हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां इस घटना को “लोन वुल्फ” यानी अकेले व्यक्ति द्वारा किए गए संभावित आतंकी हमले के एंगल से भी देख रही हैं। एंटी-टेररिज्म स्क्वाड ने मामले से जुड़े सभी सबूतों और डिजिटल डेटा की गहन जांच शुरू कर दी है।
मुंबई : एंटी-टेररिज्म स्क्वाड ने मीरा रोड के नया नगर इलाके में हुए चाकूबाजी मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। शुरुआती पुलिस जांच के बाद अब इस मामले को संभावित आतंकी एंगल से भी खंगाला जा रहा है, क्योंकि आरोपी के घर से कथित रूप से इस्लामिक स्टेट से जुड़ा संदिग्ध सामान बरामद हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां इस घटना को “लोन वुल्फ” यानी अकेले व्यक्ति द्वारा किए गए संभावित आतंकी हमले के एंगल से भी देख रही हैं। एंटी-टेररिज्म स्क्वाड ने मामले से जुड़े सभी सबूतों और डिजिटल डेटा की गहन जांच शुरू कर दी है।
इस घटना के मुख्य आरोपी की पहचान ज़ैब ज़ुबैर अंसारी (31) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे नया नगर पुलिस स्टेशन की टीम द्वारा इलाके के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया था। फुटेज में आरोपी को वारदात के दौरान और उसके बाद भागते हुए देखा गया था, जिसके आधार पर उसकी पहचान सुनिश्चित की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ठाणे जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 4 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अब एंटी-टेररिज्म स्क्वाड उसकी गतिविधियों, संपर्कों और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह किसी संगठित या ऑनलाइन कट्टरपंथी समूह से जुड़ा था।
जांच एजेंसियों ने उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल डिवाइस को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। साथ ही उसके संपर्क में आए लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक जांच शुरुआती चरण में है, लेकिन आईएसआईएस से जुड़े संदिग्ध सामान की बरामदगी ने मामले को गंभीर बना दिया है। इसी कारण एंटी-टेररिज्म स्क्वाड को जांच में शामिल किया गया है ताकि किसी भी संभावित आतंकी साजिश या कट्टरपंथी गतिविधि की पूरी तरह जांच हो सके। स्थानीय पुलिस और एंटी-टेररिज्म स्क्वाड दोनों मिलकर यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह घटना केवल व्यक्तिगत अपराध थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। जांच के दौरान सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार निगरानी रख रही है।


