मुंबई : मेट्रो 2बी ने बनाया ग्रीन रिकॉर्ड! पर्यावरण के लिए बड़ी कामयाबी
Mumbai: Metro 2B sets green record! A major success for the environment
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को और बेहतर और पर्यावरण के हिसाब से बनाने की दिशा में एक बड़ी खबर सामने आई है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के तहत डेवलप हो रही मेट्रो लाइन 2बी के फेज-1 के सभी पांच सड़कों को ग्रीन डिजाइन और कंस्ट्रक्शन के लिए देश की सबसे ऊंची प्लेटिनम रेटिंग मिली है। यह सर्टिफिकेशन इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल द्वारा दिया गया है, जो यह दिखाता है कि इन सड़कों को बनाने के समय पर्यावरण, एनर्जी सेविंग और टिकाऊ डेवलपमेंट का खास ध्यान रखा गया है।
मुंबई : पब्लिक ट्रांसपोर्ट को और बेहतर और पर्यावरण के हिसाब से बनाने की दिशा में एक बड़ी खबर सामने आई है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के तहत डेवलप हो रही मेट्रो लाइन 2बी के फेज-1 के सभी पांच सड़कों को ग्रीन डिजाइन और कंस्ट्रक्शन के लिए देश की सबसे ऊंची प्लेटिनम रेटिंग मिली है। यह सर्टिफिकेशन इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल द्वारा दिया गया है, जो यह दिखाता है कि इन सड़कों को बनाने के समय पर्यावरण, एनर्जी सेविंग और टिकाऊ डेवलपमेंट का खास ध्यान रखा गया है।
किन सड़कों को मिला प्लेटिनम रेटिंग
मेट्रो लाइन 2B के जिन पांच सड़कों को यह बड़ी कामयाबी मिली है, वो हैं देशभक्त एन.जी. आचार्य उद्यान–डायमंड गार्डन, छत्रपति शिवाजी महाराज चौक, बीएसएनएल, मानखुर्द और महाराष्ट्र नगर–मंडले। इन सभी सड़कों को आईजीबीसी के ग्रीन एमआरटीएस रेटिंग प्रोग्राम के तहत जांचा गया और उन्हें सबसे ऊंचे लेवल की रेटिंग दी गई।
ग्रीन मेट्रो की ओर मुंबई का बड़ा कदम
यह उपलब्धि सिर्फ एक सर्टिफिकेट नहीं, बल्कि मुंबई के लिए सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इन सड़कों के डिजाइन में ऊर्जा की बचत, पानी का बेहतर इस्तेमाल और पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाने वाली तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।
पहले भी मिल चुकी है पहचान
इससे पहले मुंबई मेट्रो लाइन 2ए और मुंबई मेट्रो लाइन 7 के सड़कों को भी प्लैटिनम रेटिंग मिल चुकी है। खास बात यह है कि इन दोनों मेट्रो लाइनों को कार्बन न्यूट्रल भी घोषित किया जा चुका है, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के मेट्रोपोलिटन कमिश्नर डॉ. संजय मुखर्जी, आईएएस का कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ यात्रा को आसान बनाना नहीं, बल्कि ग्रीन, सेफ और सस्टेनेबल कम्यूट देना है। यही वजह है कि मेट्रो प्रोजेक्ट्स में शुरुआत से ही पर्यावरण को ध्यान में रखा जा रहा है।


