मुंबई : सरकारी मंजूरी दिलाने के नाम पर ₹91 लाख की ठगी, मरीन ड्राइव पुलिस ने FIR दर्ज की
Mumbai: Marine Drive police register FIR for fraud of ₹91 lakh in the name of getting government approval
मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में नांदेड़ निवासी सतीश सोपनराव कदम के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पर कई लोगों से सरकारी कामों की मंजूरी दिलाने के बहाने करीब ₹91 लाख की ठगी करने का आरोप है। यह मामला शिकायतकर्ता हनुमान लक्ष्मणराव वडजे (50), निवासी सुजलेगांव, तालुका नायगांव, जिला नांदेड़ की शिकायत पर दर्ज किया गया है। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(2) और 318(4) के तहत FIR दर्ज की है।
मुंबई : मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में नांदेड़ निवासी सतीश सोपनराव कदम के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पर कई लोगों से सरकारी कामों की मंजूरी दिलाने के बहाने करीब ₹91 लाख की ठगी करने का आरोप है। यह मामला शिकायतकर्ता हनुमान लक्ष्मणराव वडजे (50), निवासी सुजलेगांव, तालुका नायगांव, जिला नांदेड़ की शिकायत पर दर्ज किया गया है। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(2) और 318(4) के तहत FIR दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सतीश सोपनराव कदम नांदेड़ जिले के शेलगांव, तालुका उमरी का रहने वाला है। जांच में सामने आया है कि आरोपी और शिकायतकर्ता एक-दूसरे को पहले से जानते थे, जिससे उस पर भरोसा करना आसान हो गया। शिकायतकर्ता हनुमान वडजे अपने पैतृक गांव में सड़क और नाली निर्माण से जुड़े काम करते हैं। इसी दौरान आरोपी ने उनसे संपर्क किया और दावा किया कि उसके शहरी विकास विभाग और मुंबई के मंत्रालय सहित कई सरकारी दफ्तरों में ऊंचे स्तर के संपर्क हैं।
आरोपी ने कथित रूप से वडजे और अन्य लोगों को यह भरोसा दिलाया कि वह उनके सरकारी कामों की मंजूरी आसानी से करवा सकता है। इसके बदले में उसने बड़ी रकम की मांग की और विभिन्न चरणों में पैसे वसूल किए। पुलिस के मुताबिक, यह पूरा मामला योजनाबद्ध तरीके से किया गया धोखाधड़ी का प्रतीत होता है। शिकायत में बताया गया है कि आरोपी ने सरकारी मंजूरी और प्रभावशाली संपर्कों का झांसा देकर कुल लगभग ₹91 लाख की राशि अलग-अलग लोगों से ली। जब वादे के अनुसार काम नहीं हुआ और न ही पैसे वापस किए गए, तब पीड़ितों को धोखाधड़ी का शक हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मरीन ड्राइव पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए FIR दर्ज कर ली है और आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने किन-किन लोगों से पैसे लिए और क्या इस ठगी में और भी लोग शामिल हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी द्वारा बताए गए सरकारी संपर्कों की भी जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह केवल झूठे दावे कर लोगों को गुमराह कर रहा था या किसी नेटवर्क के जरिए यह काम किया जा रहा था।
पुलिस ने कहा है कि वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। साथ ही आरोपी की तलाश भी तेज कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर ऐसे मामलों को उजागर किया है जहां लोग सरकारी कामों के नाम पर झूठे वादे कर आम लोगों से बड़ी रकम वसूलते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के सरकारी काम के लिए अनधिकृत व्यक्तियों पर भरोसा न करें और किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें। कुल मिलाकर, यह मामला कथित तौर पर सरकारी मंजूरी दिलाने के नाम पर की गई बड़ी ठगी का है, जिसकी जांच अब पुलिस द्वारा जारी है।


