मुंबई ओपन स्पेस पॉलिसी पर देरी, बीजेपी कॉर्पोरेटर ने बीएमसी को लिखा पत्र
Delay in Mumbai Open Space Policy, BJP corporator writes to BMC
बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओपन स्पेस पॉलिसी को अंतिम रूप देने में हो रही देरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यह नीति वर्ष 2016 से लंबित है। इसी मुद्दे को लेकर कोलाबा से बीजेपी कॉर्पोरेटर मकरंद नार्वेकर ने लोकल एएलएम (एडवांस्ड लोकैलिटी मैनेजमेंट) ग्रुप्स के साथ मिलकर बीएमसी को पत्र लिखा है और जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
मुंबई : बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओपन स्पेस पॉलिसी को अंतिम रूप देने में हो रही देरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यह नीति वर्ष 2016 से लंबित है। इसी मुद्दे को लेकर कोलाबा से बीजेपी कॉर्पोरेटर मकरंद नार्वेकर ने लोकल एएलएम (एडवांस्ड लोकैलिटी मैनेजमेंट) ग्रुप्स के साथ मिलकर बीएमसी को पत्र लिखा है और जल्द निर्णय लेने की मांग की है। अपने पत्र में मकरंद नार्वेकर ने मेयर रितु तावड़े और बीएमसी चीफ अश्विनी भिड़े को संबोधित करते हुए कहा है कि शहर में ओपन स्पेस से जुड़ी नीति लंबे समय से अधर में है, जिसके कारण मुंबई के सीमित होते खुले स्थानों पर अतिक्रमण और गलत उपयोग की समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि औपचारिक नीति के अभाव में गार्डन और सार्वजनिक खुले स्थानों का सही प्रबंधन नहीं हो पा रहा है।
इस मांग में कई स्थानीय एएलएम समूह भी शामिल हैं, जिनमें माई ड्रीम कोलाबा, कोलाबा एडवांस्ड लोकैलिटी मैनेजमेंट, ओल्ड कफ परेड रेजिडेंट्स एसोसिएशन और स्ट्रैंड मार्ग रेजिडेंट्स एसोसिएशन शामिल हैं। इन समूहों का कहना है कि ओपन स्पेस को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए एक स्पष्ट नीति बेहद जरूरी है। पत्र में कई सुझाव भी दिए गए हैं, जिनमें ओपन स्पेस के लिए एक समर्पित मोबाइल एप्लीकेशन विकसित करना शामिल है, ताकि नागरिक आसानी से पार्क और सार्वजनिक स्थानों की जानकारी और स्थिति की रिपोर्ट कर सकें। इसके अलावा एक संयुक्त वॉचडॉग कमेटी बनाने की मांग की गई है, जो ओपन स्पेस के उपयोग और संरक्षण पर नजर रखे।
एक अन्य महत्वपूर्ण सुझाव यह है कि हर प्रशासनिक वार्ड में केवल महिलाओं के लिए विशेष गार्डन बनाए जाएं, जिससे महिलाओं के लिए सुरक्षित और समर्पित सार्वजनिक स्थान उपलब्ध हो सकें। कॉर्पोरेटर का कहना है कि मुंबई में ओपन स्पेस पहले से ही सीमित हैं और यदि समय पर नीति लागू नहीं की गई तो इन स्थानों पर और अधिक अतिक्रमण होने की संभावना है।
उन्होंने जोर दिया कि शहर के सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित रखना और उनका सही उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। स्थानीय निवासियों और एएलएम समूहों ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा है कि लंबे समय से नीति न होने के कारण कई गार्डन और ओपन स्पेस अव्यवस्थित स्थिति में हैं। अब देखना होगा कि बीएमसी इस प्रस्ताव पर कब तक कोई ठोस कदम उठाती है और लंबित ओपन स्पेस पॉलिसी को अंतिम रूप देती है।


