मुंबई : कम बारिश के अनुमान के बीच मुंबई में पानी प्रबंधन की तैयारी
Mumbai: Amid forecast of low rainfall, Mumbai gears up for water management
नॉर्मल से कम बारिश के अनुमान को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका को अगस्त तक पानी सप्लाई मैनेजमेंट की योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। संभावित जल संकट से बचने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने राज्य के रिजर्व स्टॉक से अतिरिक्त पानी की मांग भी की है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने प्रस्ताव दिया है कि भातसा झील से 1.47 लाख मिलियन लीटर और ऊपरी वैतरणा झील से 90,000 मिलियन लीटर पानी अतिरिक्त रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि शहर की बढ़ती जरूरतों को पूरा किया जा सके और संभावित कमी से बचा जा सके।
मुंबई : नॉर्मल से कम बारिश के अनुमान को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका को अगस्त तक पानी सप्लाई मैनेजमेंट की योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। संभावित जल संकट से बचने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने राज्य के रिजर्व स्टॉक से अतिरिक्त पानी की मांग भी की है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने प्रस्ताव दिया है कि भातसा झील से 1.47 लाख मिलियन लीटर और ऊपरी वैतरणा झील से 90,000 मिलियन लीटर पानी अतिरिक्त रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि शहर की बढ़ती जरूरतों को पूरा किया जा सके और संभावित कमी से बचा जा सके।
15 अप्रैल तक मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली सात झीलों में कुल 4.86 लाख मिलियन लीटर पानी स्टॉक में था, जो उनकी कुल क्षमता का 33.60 प्रतिशत है। यह पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर स्थिति है, क्योंकि 2025 में इसी अवधि में 4.37 लाख मिलियन लीटर (30.24 प्रतिशत) और 2024 में 3.55 लाख मिलियन लीटर (24.54 प्रतिशत) पानी उपलब्ध था। वर्तमान में बृहन्मुंबई महानगरपालिका शहर को प्रतिदिन लगभग 4,000 मिलियन लीट पानी की आपूर्ति करती है।
हालांकि मौजूदा जल भंडार जुलाई तक पर्याप्त माना जा रहा है, लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बढ़ते तापमान के कारण पानी का वाष्पीकरण तेज हो रहा है, जिससे भंडार तेजी से घट सकता है। इसी वजह से जल संकट की आशंका को ध्यान में रखते हुए पहले से योजना बनाने पर जोर दिया जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने इस साल सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जारी किया है, जिससे जल उपलब्धता को लेकर चिंता और बढ़ गई है। एक वरिष्ठ नागरिक अधिकारी के अनुसार, पिछले वर्ष मई की शुरुआत तक जल स्तर 20 प्रतिशत से नीचे चला गया था, लेकिन समय से पहले मानसून आने से स्थिति में सुधार हुआ था और कैचमेंट क्षेत्रों में पर्याप्त पानी भर गया था। अधिकारियों ने बताया कि इस बार राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उपलब्ध जल संसाधनों का प्रबंधन इस तरह किया जाए कि अगस्त तक किसी प्रकार की कमी न हो। यदि राज्य द्वारा अतिरिक्त पानी का आवंटन मिल जाता है तो शहर में पानी की कटौती से बचा जा सकता है।
मुंबई की जल आपूर्ति प्रणाली सात प्रमुख झीलों पर निर्भर है, जिनमें तुलसी, विहार, भातसा, वैतरणा, मध्य वैतरणा, मोदक सागर और तानसा शामिल हैं। ये झीलें पालघर, ठाणे और नासिक जिलों में 100 से 175 किलोमीटर दूर स्थित हैं। इन स्रोतों से पानी 650 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइन और लगभग 6,000 किलोमीटर की पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए पूरे शहर तक पहुंचाया जाता है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता जल भंडार का संतुलित उपयोग और संभावित कमी को रोकने के लिए समय रहते प्रबंधन सुनिश्चित करना है।


