मुंबई : सी एंड डी वेस्ट मैनेजमेंट के लिए बीएमसी बनाएगी डेडिकेटेड पोर्टल
Mumbai: BMC to create dedicated portal for C&D waste management
बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम में पारदर्शिता और नियमों के पालन को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत एक डेडिकेटेड ऑनलाइन पोर्टल तैयार करने की योजना बनाई गई है, जिसके लिए गुरुवार को टेंडर जारी किया गया। इस पहल का उद्देश्य शहर में मलबा प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।
मुंबई : बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम में पारदर्शिता और नियमों के पालन को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत एक डेडिकेटेड ऑनलाइन पोर्टल तैयार करने की योजना बनाई गई है, जिसके लिए गुरुवार को टेंडर जारी किया गया। इस पहल का उद्देश्य शहर में मलबा प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। यह प्रस्तावित पोर्टल दिल्ली के “मालबा पोर्टल” से प्रेरित होगा, जो वहां कंस्ट्रक्शन वेस्ट की निगरानी और प्रबंधन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मुंबई में बनने वाला यह नया सिस्टम प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन, रियल-टाइम मलबा ट्रैकिंग और नियमों के उल्लंघन की रिपोर्टिंग को डिजिटल रूप से सक्षम बनाएगा।
इस पोर्टल के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे का सही तरीके से रिकॉर्ड रखा जाए और उसे निर्धारित स्थानों पर ही डंप किया जाए। साथ ही, अवैध डंपिंग पर सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाने का भी प्रावधान होगा। इससे शहर में बढ़ते सी एंड डी वेस्ट की समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मुंबई में अवैध मलबा डंपिंग को लेकर चिंता बढ़ रही है।
हाल ही में मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने शहर में हो रही अनियंत्रित सी एंड डी वेस्ट डंपिंग पर सवाल उठाते हुए इस पर सख्त निगरानी की मांग की थी। उन्होंने डिजिटल ट्रैकिंग, जीपीएस मॉनिटरिंग, रीसाइक्लिंग सुविधाओं के विस्तार और नियमों के कड़ाई से पालन के साथ एक व्यापक नीति बनाने का सुझाव दिया था।
BMC की यह नई पहल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद मलबा प्रबंधन में जवाबदेही बढ़ेगी और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण आसान होगा। इसके अलावा, निर्माण कंपनियों और ठेकेदारों को भी अधिक जिम्मेदारी से काम करना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई जैसे बड़े शहर में सी एंड डी वेस्ट का सही प्रबंधन बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे न केवल पर्यावरण पर असर पड़ता है, बल्कि शहर की स्वच्छता और बुनियादी ढांचे पर भी दबाव बढ़ता है। डिजिटल पोर्टल के जरिए पारदर्शिता बढ़ने से इस समस्या में काफी हद तक सुधार की उम्मीद है।
फिलहाल टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आने वाले समय में इस पोर्टल के विकास और लागू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। बीएमसी का यह कदम शहर को अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।


