मुंबई: 3.56 करोड़ की GST चोरी मामले में कार्रवाई, बोगस फर्म मालिक गिरफ्तार
Mumbai: Action taken in GST evasion case of Rs 3.56 crore, owner of bogus firm arrested
जीएसटी में पंजीकृत बोगस फर्म से 18.62 करोड़ का कारोबार कर जीएसटी चोरी करने वाला मुंबई का एक सुरक्षा गार्ड गिरफ्तार किया गया है। राज्य कर विभाग की एसआईबी की जांच में बाराबंकी से रजिस्टर्ड द रेड स्क्वायर इंटरप्राइजेज नामक बोगस फर्म से 3.56 करोड़ जीएसटी की चोरी का मामला सामने आया था।
मुंबई: जीएसटी में पंजीकृत बोगस फर्म से 18.62 करोड़ का कारोबार कर जीएसटी चोरी करने वाला मुंबई का एक सुरक्षा गार्ड गिरफ्तार किया गया है। राज्य कर विभाग की एसआईबी की जांच में बाराबंकी से रजिस्टर्ड द रेड स्क्वायर इंटरप्राइजेज नामक बोगस फर्म से 3.56 करोड़ जीएसटी की चोरी का मामला सामने आया था।
जीएसटी चोरी का यह मुकदमा विशेष अनुसंधान शाखा अयोध्या की उपायुक्त ने पिछले वर्ष जुलाई में दर्ज कराया था। बोगस फर्मो के रजिस्ट्रेशन पर कारोबार करने वालों की बाराबंकी में जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान जीएसटी चोरी से जुड़े मामलों में पुलिस ने फिलहाल फर्म के प्रोपराइटर मुंबई निवासी अमित शाखाहारी काले की गिरफ्तारी का दावा किया है। जीएसटी चोरी के नेटवर्क में शामिल कोई नाम सामने नहीं आया है। फिलहाल पुलिस अन्य लोगों को तलाश करने की बात कह रही है।
राज्य कर विभाग की एसआईबी अयोध्या की उपायुक्त अल्पना वर्मा ने 18 जुलाई 2025 को बोगस फर्म द रेड स्क्वायर इंटरप्राइजेज पर जीएसटी चोरी का मुकदमा कराया था। इस फर्म का पता कोतवाली नगर का आवास विकास दिखाया गया था। विभागीय जांच में फर्म का घोषित पता पूरी तरह फर्जी मिला था। मौके पर न तो कोई फर्म मिली न ही बताए गए प्लाट नंबर का अस्तित्व सामने आया।
रजिस्ट्रेशन में लगाया गया बिजली बिल भी जांच में फर्जी मिला। यही नहीं क्यूआर कोड किसी दूसरे के नाम का लगा दिया गया था। इस फर्म ने बिना वास्तविक कारोबार के ही जुलाई 2024 में करीब 18.62 करोड़ रुपये की सप्लाई दर्शाकर विभिन्न राज्यों की फर्मों को केवल इनवाइस जारी किए और करीब 3.56 करोड़ रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पास करवा लिया।
नगर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि यह फर्म मुम्बई के राहुल नगर नंबर-1 अपोजिट एटीआईवीएन पूर्व मार्ग सियान चूनाभट्टी निवासी अमित शाखाहारी काले के नाम थी। जो मुम्बई में सुरक्षा गार्ड का काम करता है। अमित ने स्वार्थ में अपने सारे दस्तावेज आरोपित को दिए थे, जिससे बोगस फर्म बनी थी। आरेापित अमित को गिरफ्तार कर लिया गया है। संबंधित से पूछताछ की जा रही है। इस नेटवर्क में शामिल अन्य कड़ियों की भी तलाश की जा रही है।


