मुंबई : शिवसेना प्रवक्ता ने 'लाड़की बहना योजना' पर विपक्ष के आरोप को बताया बेबुनियाद
Mumbai: Shiv Sena spokesperson termed the opposition's allegations on the 'Ladki Behna Yojana' as baseless.
शिवसेना प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने शनिवार को महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजना 'लाड़की बहना योजना' का जोरदार बचाव किया है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। हेगड़े ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "लाड़की बहना योजना हमारी सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है।
मुंबई : शिवसेना प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने शनिवार को महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजना 'लाड़की बहना योजना' का जोरदार बचाव किया है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। हेगड़े ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "लाड़की बहना योजना हमारी सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है। केवाईसी रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 30 अप्रैल तय की गई है। विपक्ष के आरोपों में कोई दम नहीं है। इस योजना के लिए सरकार ने लगभग 26,000 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है। अगस्त 2024 से चल रही इस योजना के तहत हर लाभार्थी महिला को प्रतिमाह 1,500 रुपए दिए जा रहे हैं।"
शिवसेना प्रवक्ता ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईंधन आपूर्ति को लेकर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा, "एक जापानी जहाज ईंधन लेकर भारत की ओर रवाना हुआ है। साथ ही भारत का एक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलकर भारत आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से बात की थी, जिसके प्रयास से पहले भी दो जहाज होर्मुज से निकले थे। भारत में ईंधन और गैस की कोई कमी होने वाली नहीं है। इसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार को जाता है।" अधीर रंजन चौधरी के हालिया बयान पर भी शिवसेना ने तीखा हमला बोला।
हेगड़े ने कहा, "टीएमसी की मुसलमान वोट बटोरने की रणनीति पर अधीर रंजन चौधरी ने जो बयान दिया है, वह बहुत गलत है। उन्होंने कहा कि जहां जीतने का चांस है, वहां मुसलमान टीएमसी को वोट देगा और जहां कांग्रेस को चांस है, वहां कांग्रेस को। यह बयान राज्य को तोड़ने वाला है। जनता मतदान काम के आधार पर करती है, न कि धर्म के आधार पर।" समाजवादी पार्टी की युवा सांसद इकरा चौधरी के सुझाव पर भी कृष्ण हेगड़े ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बाल विकास पर लोकसभा के एक दिन को समर्पित करने का सुझाव अच्छा है, लेकिन लोकसभा की कार्यवाही का प्रबंधन सचिवालय द्वारा एजेंडा और समय-अनुसार किया जाता है। उन्होंने कहा कि इकरा चौधरी के पिता भी पूर्व सांसद रह चुके हैं, इसलिए उन्हें संसदीय प्रक्रिया की जानकारी होनी चाहिए।


