मुंबई : एलआईसी बिल्डिंग के रिडेवलपमेंट का रास्ता होगा साफ, मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने की केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात
Mumbai: The way for the redevelopment of LIC Building will be clear, Minister Mangal Prabhat Lodha met the Union Finance Minister
दक्षिण मुंबई स्थित एलआईसी और देना बैंक की सालों पुरानी जर्जर इमारतें के पुनर्विकास का रास्ता साफ हो गया है। राज्य के कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के बाद दावा किया कि अगले तीन महीने में वित्त मंत्री इस बाबत सकारात्मक निर्णय लेगी।
मुंबई : दक्षिण मुंबई स्थित एलआईसी और देना बैंक की सालों पुरानी जर्जर इमारतें के पुनर्विकास का रास्ता साफ हो गया है। राज्य के कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के बाद दावा किया कि अगले तीन महीने में वित्त मंत्री इस बाबत सकारात्मक निर्णय लेगी। मंत्री लोढ़ा ने नई दिल्ली में एलआईसी टेनेंट्स एंड ऑक्युपेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन का निवेदन पत्र लेकर वित्त मंत्री से मुलाकात की और उन्हें स्थिति से अवगत कराया।
90 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं इमारत
दरअसल, दक्षिण मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों में एलआईसी और देना बैंक की कई सारी इमारतें हैं जो 90 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं। आज वह जर्जर अवस्था में पहुंच गई है। फिर भी इन इमारतों में आज भी लोग रह रहे हैं, जबकि म्हाडा ने ऐसी पुरानी खतरनाक इमारतों में रहने वाले कई सारे किराएदारों को हटा, लेकिन केंद्र सरकार की पुरानी इमारतों में आज भी लोग जान हथेली पर लेकर रह रहे हैं। इन लोगों की अवाज को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए कैबिनेट मंत्री लगातार प्रयास कर रहे हैं। खतरनाक इमारतों में रहने वाले के किरायेदार संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि पुनर्विकास प्रक्रिया में काफी देरी हो रही है और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (पीएमसी) की नियुक्ति नहीं हुई है। दूसरी ओर, मॉनसून नजदीक आने के कारण किरायेदारों में डर और असुरक्षा का माहौल है।
वित्त मंत्री को दिए पत्र में क्या?
मंत्री लोढ़ा द्वारा वित्त मंत्री को दिए पत्र में किराएदारों ने मांग की है कि जिनमें पीएमसी की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करना, म्हाडा के नियमों के अनुसार किरायेदारों को अंतरिम वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराना, पुनर्विकास के लिए अनुभवी डेवलपर के चयन में किरायेदारों की भागीदारी सुनिश्चित करना, खाली कराई गई इमारतों का किराया अस्थायी रूप से स्थगित करना और किरायेदारों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक या कानूनी बोझ न डालना शामिल है।
वित्त मंत्री ने दिया भरोसा
मंत्री लोढ़ा ने कहा कि इन किराएदारों की पूरी तस्वीर उन्होंने वित्त मंत्री के सामने रखी। वित्त मंत्री ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि अगले तीन महीने वे इस बारे में सकारात्मक निर्णय लेगी, ताकि निवासियों की समस्याओं को हल किया जा सके। मंत्री लोढ़ा ने विश्वास जताया कि जल्द ही एलआईसी और बैंक इमारतों के किरायेदारों को न्याय मिलेगा।


