मुंबई: महाराष्ट्र में आवासीय सोसाइटियों के लिए राहत घोषणा

Mumbai: Relief announced for residential societies in Maharashtra

मुंबई: महाराष्ट्र में आवासीय सोसाइटियों के लिए राहत घोषणा

महाराष्ट्र सरकार ने सूबे के शहरी इलाकों में हाउसिंग सोसाइटियों पर लगने वाले नॉन-एग्रीकल्चरल (एनए) टैक्स को खत्म करने का अहम फैसला लिया है। अब से यह टैक्स किसी भी पुराने या नए कंस्ट्रक्शन पर नहीं लगेगा। साथ ही पिछले बकाया भी माफ कर दिया गया है। यह घोषणा बुधवार को विधानसभा में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने की। बजट सत्र के प्रश्नकाल के दौरान विधायक भीमराव तपकीर व अन्य विधायकों ने शहरी इलाकों में हाउसिंग सोसाइटियों के लिए एनए टैक्स माफ करने के बारे में सवाल उठाया था।

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने सूबे के शहरी इलाकों में हाउसिंग सोसाइटियों पर लगने वाले नॉन-एग्रीकल्चरल (एनए) टैक्स को खत्म करने का अहम फैसला लिया है। अब से यह टैक्स किसी भी पुराने या नए कंस्ट्रक्शन पर नहीं लगेगा। साथ ही पिछले बकाया भी माफ कर दिया गया है। यह घोषणा बुधवार को विधानसभा में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने की। बजट सत्र के प्रश्नकाल के दौरान विधायक भीमराव तपकीर व अन्य विधायकों ने शहरी इलाकों में हाउसिंग सोसाइटियों के लिए एनए टैक्स माफ करने के बारे में सवाल उठाया था। तपकिर ने कहा कि शहरी इलाकों में कंस्ट्रक्शन साइट पर एनए टैक्स लगता था। सरकार के 10 मार्च 2026 को जारी सर्कुलर के मुताबिक इस टैक्स को खत्म करने का फैसला लिया गया है। क्या इस फैसले से पहले हुए कंस्ट्रक्शन पर लगने वाला टैक्स खत्म कर दिया जाएगा और क्या भविष्य में कंस्ट्रक्शन की परमिशन देते समय यह टैक्स एकमुश्त लिया जाएगा।

 

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मंत्री बावनकुले ने अपने जवाब में कहा कि राज्य सरकार ने सालाना एनए टैक्स को पूरी तरह खत्म कर दिया है। इसलिए किसी भी कंस्ट्रक्शन पर, चाहे वह पुराना हो या नया, कोई टैक्स नहीं लगेगा। पहले लगे टैक्स के साथ-साथ बकाया भी माफ कर दिया गया है। इससे राज्य में हाउसिंग सोसायटी और फ्लैट मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी। मंत्री बावनकुले ने कहा कि सरकार ने कन्वर्जन टैक्स को लेकर एक आसान तरीका लागू किया है। उसके मुताबिक, 2001 से पहले हुए कंस्ट्रक्शन के लिए 2001 के रेडी रेकनर रेट का 0.10 प्रतिशत रेट तय किया गया है।

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यह रेट एक हजार स्क्वायर मीटर एरिया के लिए लागू होगा। बड़े एरिया के डेवलपमेंट के लिए एकमुश्त पेमेंट करने की सुविधा भी दी गई है। चार हज़ार स्क्वेयर मीटर तक के एरिया के लिए 0.25 फीसदी और उससे ज़्यादा एरिया, यानी एक एकड़ से ज़्यादा के लिए 0.15 प्रतिशत टैक्स लगेगा। अगर लोग एक बार में भुगतानट करते हैं तो उन्हें आगे के टैक्स से छूट मिलेगी। नए सिस्टम से लोगों को बार-बार रेवेन्यू ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे हाउसिंग सोसाइटियों पर फाइनेंशियल बोझ कम होगा और शहरी इलाकों के हज़ारों फ्लैट मालिकों को राहत मिलेगी।

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