मुंबई: मेट्रो हादसे के बाद वरुण ग्रोवर का तीखा प्रहार, मुंबई को बताया 'भ्रष्टाचार का सेंटर', प्रशासन पर उठाए सवाल
Mumbai: Varun Grover launches scathing attack after Metro accident, calls Mumbai a 'centre of corruption', questions administration
मुलुंड में 14 फरवरी को हुए मेट्रो हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. एक निर्माणाधीन मेट्रो पुल का भारी-भरकम पैरापेट गिरने से रामधन यादव नाम के व्यक्ति की जान चली गई, जबकि तीन अन्य लोग अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. घटना ने एक बार फिर मुंबई के बुनियादी ढांचे और सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. अब स्टैंडअप कॉमेडियन और लेखक वरुण ग्रोवर ने इस घटना पर कड़ा रिएक्शन दिया है. वरुण ग्रोवर ने इस पर तीखा तंज कसते हुए मुंबई को भ्रष्टाचार का सेंटर बताया.
मुंबई: मुलुंड में 14 फरवरी को हुए मेट्रो हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. एक निर्माणाधीन मेट्रो पुल का भारी-भरकम पैरापेट गिरने से रामधन यादव नाम के व्यक्ति की जान चली गई, जबकि तीन अन्य लोग अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. घटना ने एक बार फिर मुंबई के बुनियादी ढांचे और सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. अब स्टैंडअप कॉमेडियन और लेखक वरुण ग्रोवर ने इस घटना पर कड़ा रिएक्शन दिया है. वरुण ग्रोवर ने इस पर तीखा तंज कसते हुए मुंबई को भ्रष्टाचार का सेंटर बताया. उन्होंने एक्स पर लिखा कि भारत की फाइनेंशियल राजधानी की सड़कें गांवों से भी बदतर हैं और यहां सिटी प्लान के नाम पर जिंदगी की घोर अनदेखी की जा रही है. वरुण ग्रोवर के इस बयान ने सोशल मीडिया पर उन आम मुंबईकरों की आवा को हवा दी है जो आए दिन जर्जर बुनियादी ढांचे से जूझते हैं.
हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एंटरटेनमेंट जगत की अन्य हस्तियों ने भी अपनी सिक्योरिटी जाहिर की है. मशहूर सिंगर राहुल वैद्य ने इंस्टाग्राम पर अपनी चिंता बयां करते हुए कहा कि मेट्रो ब्रिज के नीचे से गुजरते वक्त उन्हें हमेशा इसी तरह की अनहोनी का डर सताता है. यह डर अब केवल एक कल्पना नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए हकीकत बन गया है जो उस दोपहर मुलुंड फायर स्टेशन के पास से गुजर रहे थे. जब पियर P-196 का हिस्सा ऊंचाई से गिरकर एक ऑटो रिक्शा पर गिरा, तो पल भर में सब कुछ तबाह हो गया. एमएमआरडीए ने आनन-फानन में जांच के आदेश तो दे दिए हैं, लेकिन लोकल निवासियों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है, क्योंकि वे इसे प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा मान रहे हैं.
मशहूर गीतकार, लेखक और स्टैंडअप कॉमेडियन वरुण ग्रोवर का जन्म 26 जनवरी 1980 को हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर में हुआ. एक पंजाबी हिंदू परिवार से ताल्लुक रखने वाले वरुण के पिता आर्मी इंजीनियर और मां स्कूल टीचर थीं. फिल्मों के प्रति उनकी दिलचस्पी विरासत में मिली थी. उनके दादा जगाधरी में सिनेमा के पोस्टर पेंट करते थे, जिससे उनके पिता और फिर वरुण को सिनेमा का चस्पा लगा. वरुण की शुरुआती पढ़ाई देहरादून और लखनऊ में हुई, जिसके बाद उन्होंने IIT (BHU) वाराणसी से साल 2003 में सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. करियर की शुरुआत उन्होंने पुणे में एक सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट के रूप में की थी, लेकिन लिखने के अपने जुनून के चलते वे 2004 में मुंबई चले आए. साल 2005 में ‘द ग्रेट इंडियन कॉमेडी शो’ के लिए स्क्रिप्ट लिखकर उनकी लेखनी का सफर औपचारिक रूप से शुरू हुआ. वरुण ग्रोवर को साल 2015 में उन्हें 63वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में बेस्ट गीतकार के खिताब से नवाजा गया.


