मुंबई में ओला-उबर और रैपिडो के ड्राइवरों की हड़ताल, एयरपोर्ट और स्टशनों पर कैसा रहा असर?
Ola-Uber and Rapido drivers' strike in Mumbai: What was the impact on airports and stations?
देश भर में एग्रीगेटर कंपनियों के ड्राइवरों ने 1 दिन का हड़ताल किया, जहां उन्होंने बंद का ऐलान किया और गाडी चलाने से इंकार कर दिया। इस वजह से मुंबई और पुणे के यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, ख़ास करके एयरपोर्ट और स्टेशनों के यात्रियों को, लंबी दुरी का रास्ता तय करने के बाद, उन्हें अपने घर जाने के लिए ऑनलाइन गाडी नहीं मिल पा रही थी। नतीजन यात्रियों को मीटर ऑटो और टैक्सी का विकल्प चुनना पड़ा। वीकेंड होने के वजह से दफ्तर जाने वालों की संख्या कम थी, लेकिन जो लोग घूमने निकले थे, उन्हें परेशानी हुई।
मुंबई: देश भर में एग्रीगेटर कंपनियों के ड्राइवरों ने 1 दिन का हड़ताल किया, जहां उन्होंने बंद का ऐलान किया और गाडी चलाने से इंकार कर दिया। इस वजह से मुंबई और पुणे के यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, ख़ास करके एयरपोर्ट और स्टेशनों के यात्रियों को, लंबी दुरी का रास्ता तय करने के बाद, उन्हें अपने घर जाने के लिए ऑनलाइन गाडी नहीं मिल पा रही थी। नतीजन यात्रियों को मीटर ऑटो और टैक्सी का विकल्प चुनना पड़ा। वीकेंड होने के वजह से दफ्तर जाने वालों की संख्या कम थी, लेकिन जो लोग घूमने निकले थे, उन्हें परेशानी हुई।
दरअसल बीते कुछ महीनों में कई बार एग्रीगेटर कंपनियों के ड्राइवरों अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन अब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया है । असोसिएशन का कहना है कि ओला, उबर, रैपिडो जैसी ऐप-आधारित परिवहन आज भी डिमांड और सप्लाई के हिसाब से पैसा ले रही है, जबकि महाराष्ट्र परिवहन डिपार्टमेंट ने उन्हें सरकारी रेट के हिसाब से किराया लेने के लिए कहा है। इसके साथ ही अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ कार्रवाई और पैनिक बटन लगाने से संबंधित शिकायतों के निवारण सहित विभिन्न मांग शामिल थी।
इस हड़ताल की वजह से मुंबई एयरपोर्ट पर उतरे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए उन्हें गाडी नहीं मिली। गाड़ियों की कमी के कारण उन्हें मीटर टैक्सियों और रिक्शा के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ा। तो वहीँ ड्राइवरों का कहना है कि इस हड़ताल की वजह से उन्हें भी 2,000 से 3,000 रुपये का नुकसान हुआ है।
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 'राइड एग्रीगेटर्स' (टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनी) को चेतावनी दी कि अगर वे चालकों के साथ अनुचित व्यवहार करते हैं और उनके साथ अन्याय करते हैं, तो सरकार कंपनियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी। भारतीय गिग कामगार मंच के अध्यक्ष केशव क्षीरसागर ने कहा कि महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों में हड़ताल आज (शनिवार) सुबह से शुरू है। अधिकांश ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों ने हड़ताल का समर्थन कर रहे है।


