अमरावती में राजनीतिक उलटफेर: बीजेपी के श्रीचंद तेजवानी बने महापौर, AIMIM की सहायता से
Political turnaround in Amravati: BJP's Shrichand Tejwani becomes mayor, with the help of AIMIM
अमरावती महानगरपालिका के महापौर चुनाव में आज महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी श्रीचंद तेजवानी को अमरावती के महापौर पद के रूप में चुन लिया गया है। यह चुनाव भाजपा के लिए खास इसलिए रहा क्योंकि उन्हें अप्रत्याशित रूप से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के समर्थन का लाभ मिला।
चुनाव परिणाम के अनुसार, श्रीचंद तेजवानी को कुल 55 मत मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के डॉ. संजय शिरभाते को केवल 16 मत प्राप्त हुए। इस नतीजे से साफ है कि तेजवानी ने आराम से जीत दर्ज की और अमरावती निगम में महापौर पद पर कब्ज़ा किया।
संयोग की बात यह रही कि AIMIM की एक नगरसेविका मीरा कांबळे ने अपने पार्टी के निर्देशों के विपरीत वोट देकर भाजपा उम्मीदवार को समर्थन दिया। इसके बाद AIMIM ने उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी ने कहा कि कांबळे का यह कदम उनकी विचारधारा और पार्टी अनुशासन के खिलाफ है।
इस महापौर चुनाव में उपमहापौर का पद भी निर्वाचित किया गया, जिसमें युवा स्वाभिमान पार्टी के सचिन भेंडे को उपमहापौर चुना गया। अब अमरावती महानगरपालिका में महायुति गठबंधन — जिसमें भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) और युवा स्वाभिमान पार्टी शामिल हैं — की सरकार स्थापित हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटना स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में अप्रत्याशित बदलाव का संकेत देती है और आगामी चुनावों के लिए भी नए संकेत छोड़ सकती है।


