Drivers
Mumbai 

मुंबई :  अगर मुस्लिम ड्राइवर, पैसेंजर मुंबई एयरपोर्ट के पास टेम्पररी शेड में नमाज़ पढ़ सकते हैं तो 'इंसानी' आधार पर विचार करें

मुंबई :  अगर मुस्लिम ड्राइवर, पैसेंजर मुंबई एयरपोर्ट के पास टेम्पररी शेड में नमाज़ पढ़ सकते हैं तो 'इंसानी' आधार पर विचार करें बॉम्बे हाईकोर्ट ने MMRDA से कहा बॉम्बे हाईकोर्ट ने  मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी को अगले हफ़्ते तक एक बयान देने का निर्देश दिया, जिसमें यह बताया जाए कि क्या वह पूरी तरह से 'इंसानी' आधार पर ऑटोरिक्शा, टैक्सी, ओला-उबर ड्राइवरों और यहां तक कि पैसेंजर को भी छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के डोमेस्टिक टर्मिनल के पास एक टेम्पररी शेड में नमाज़ पढ़ने की इजाज़त देने पर विचार करेगा, कम-से-कम रमज़ान के पवित्र महीने के लिए तो।
Read More...
Mumbai 

मुंबई में ओला-उबर और रैपिडो के ड्राइवरों की हड़ताल, एयरपोर्ट और स्टशनों पर कैसा रहा असर?

मुंबई में ओला-उबर और रैपिडो के ड्राइवरों की हड़ताल, एयरपोर्ट और स्टशनों पर कैसा रहा असर? देश भर में एग्रीगेटर कंपनियों के ड्राइवरों ने 1 दिन का हड़ताल किया, जहां उन्होंने बंद का ऐलान किया और गाडी चलाने से इंकार कर दिया। इस वजह से मुंबई और पुणे के यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, ख़ास करके एयरपोर्ट और स्टेशनों के यात्रियों को, लंबी दुरी का रास्ता तय करने के बाद, उन्हें अपने घर जाने के लिए ऑनलाइन गाडी नहीं मिल पा रही थी। नतीजन यात्रियों को मीटर ऑटो और टैक्सी का विकल्प चुनना पड़ा। वीकेंड होने के वजह से दफ्तर जाने वालों की संख्या कम थी, लेकिन जो लोग घूमने निकले थे, उन्हें परेशानी हुई।
Read More...
Mumbai 

ठाणे : ड्राइवरों, कैरियर और कर्मचारियों को ठाणे रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर ने जीवन रक्षा प्रशिक्षण कराया 

ठाणे : ड्राइवरों, कैरियर और कर्मचारियों को ठाणे रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर ने जीवन रक्षा प्रशिक्षण कराया  यदि सड़क पर कोई हादसा या दुर्घटना होती है... सांसें एक पल में रुक जाती हैं... और अगर उन कुछ मिनटों में सही सीआरआर अर्थात जीवन रक्षक प्रणाली (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) न दिया जाए, तो यह जानलेवा हो सकता है।
Read More...
Mumbai 

मुंबई : सामाजिक सुरक्षा के दायरे में जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट के डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवर ; सरकारी कर्मचारी जैसी सुविधाओं का लाभ

मुंबई : सामाजिक सुरक्षा के दायरे में जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट के डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवर ; सरकारी कर्मचारी जैसी सुविधाओं का लाभ भारत में तेजी से बढ़ती ‘गिग इकोनॉमी’ को अब कानूनी सुरक्षा के दायरे में लाने की तैयारी पूरी हो चुकी है. नए सोशल सिक्योरिटी कोड में जोमैटो, स्विगी, और ब्लिंकिट के डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवर आदि को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है. इसके लिए सरकार ने ड्रॉफ्ट नियम जारी कर दिए हैं. इन ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा का लाभ पाने के लिए किसी एक ही कंपनी (एग्रीगेटर) से जुड़े वर्कर को एक साल में कम से कम 90 दिन उसी कंपनी के साथ काम करना अनिवार्य होगा. वहीं, जो लोग एक से ज्यादा प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हैं
Read More...

Advertisement