ठाणे वर्तक पुलिस ने आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले केस किया फर्जीवाड़ा 

Thane Vartak Police forged Arms Act and murderous attack case

ठाणे वर्तक पुलिस ने आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले केस किया फर्जीवाड़ा 

ठाणे वर्तक पुलिस ने आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले केस किया फर्जीवाड़ा ठाणे वर्तक पुलिस ने आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले केस पर कोर्ट में फेक रिपोर्ट पेस किया है।

ठाणे वर्तक पुलिस ने आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले केस किया फर्जीवाड़ा ठाणे वर्तक पुलिस ने आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले केस पर कोर्ट में फेक रिपोर्ट पेस किया है। बता दे पीड़ित आविश्न सेठ पर हुए आर्म्स एक्ट और 307 के मामले में कोर्ट ने वर्तक पुलिस को एफआईआर दर्ज करने निर्देश दिया था। ऐसे में वर्तक पुलिस के आयो भरत चौधरी ने पीड़ित अश्विन सेठ मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही और मामले जाँच पड़ताल करने के बजाए कोर्ट में फर्जी रिपोर्ट पेश कर मामले को दबाने की कोशिश किया है। वर्तक पुलिस आयो ने कोर्ट में पेश रिपोर्ट में बताया है यह कोई आर्म्स एक्ट, और 307 का मामले नही है। यह एक एनसी है।

 

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आपको बता दे आश्विन सेठ कुछ दिनों में ठाणे अपनी कार से जा रहे थे उस दौरान अज्ञात व्यक्तयो ने मोटरसाइकिल पर हथियार के साथ उनका पीछा कर जान लेवा हमला करने की कोशिश किया था। उस वक़्त भी वर्तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नही किया था। मज़बूरन कोर्ट के ऑर्डर बाद वर्तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया था। अब मामले फर्जीवाड़ा करते इस मामले को एनसी केस बना दिया है।

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 बता दे यह केस मुंबई से सटे ठाणे में दर्ज किया गया था इसमें सेठ बिल्डर को जान से मारने की कोशिश और आर्म्स धारा के तहत केस दर्ज किया गया था इन आरोपियों पर ठाणे पुलिस ने 307,341,511,120 बी ,34,3 और 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।

 

 

 मुम्बई पुलिस ने इन्ही आरोपियों पर जाल साजी फेक मामले में रेणुका,चिंतन और मौलिक शेठ के खिलाफ 27 अप्रैल को मामला दर्ज किया था। इनपर तीनों पर जुहू पुलिस ने IPC की विभन्न धाराओं जैसे339,406,420,425,426,440,441,442,455,443,452,506,34,445 के तहत मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ,15 करोड़ का जाली दस्तावेज बनाकर आरोपीयो ने प्रोपर्टी हड़पने का प्रयास किया था जिसपर मुम्बई पुलिस जांच कर रही है।

 

बता दे पीड़ित अश्विन सेठ के बैंक डेटा लिक मामला भी मुम्बई के दिंडोसी में शिकायत दर्ज किया था किन्तु दिडोसी के आयो माली ने फर्जीवाड़ा करते हुए सायबर क्राइम के इस मामले को भी बंद किया है। बताया जाता है कि जिनलोगों ने अश्विन सेठ का बैंक डेटा लिक किया है उनका पुलिस में दबदबा है। इसलिए पुलिस दबाव में आकर इस केस को बंद करदिया है। अब अश्विन सेठ इंसाफ की गुहार लगा रहे है। क्या उन्हें इंसाफ मिलेगा या नही ?