महाराष्‍ट्र में बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों को लेकर सरगर्मी जारी, सरकार में शामिल दल ही लगा रहे आरोप…

महाराष्‍ट्र में बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों को लेकर सरगर्मी जारी, सरकार में शामिल दल ही लगा रहे आरोप…

Rokthok Lekhani

Read More मुंबई : टीसीएस ने नासिक ऑफिस बंद किया; कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश

मुंबई : महाराष्‍ट्र में बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों को लेकर सरगर्मी जारी है तो राज्‍य सरकार में शामिल दल राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, शिवसेना और कांग्रेस में भी आपसी खींचतान देखने को मिल रही है. नाराज नेता एक दूसरे पर आरोप- प्रत्‍यारोप लगा रहे हैं. महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के सहयोगी दलों के नेताओं का कहना है कि यह एक ऐसा गठबंधन है जिसको लेकर आम लोगों को यह भरोसा नहीं था कि यह टिक भी पाएगा या नहीं. हालांकि यह गठबंधन बना हुआ है और सरकार चल रही है.सत्‍ता में आने के लिए और भारतीय जनता पार्टी को सत्‍ता से दूर करने के लिए राकांपा, शिवसेना और कांग्रेस का गठबंधन अनोखा है.

Read More मुंबई : बॉम्बे हाई कोर्ट ने मालेगांव ब्लास्ट केस में चार आरोपियों को बरी किया, आरोप खारिज किए

इसमें अलग-अलग विचारधाराओं वाली राजनीतिक पार्टियां शामिल हैं. इनका सफर भी उतार-चढ़ाव भरा रहा है और अब ऐसा लग रहा है कि सबकुछ सही नहीं चल रहा है. इसके साथ ही बीएमसी चुनावों से पहले की व्यस्त बातचीत में पार्टियां अपनी-अपनी तैयारी में जुटी हुई हैं. कांग्रेस का कहना है कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले महिलाओं के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में वर्तमान में कांग्रेस के दो-तिहाई से अधिक वार्ड आरक्षित करने का निर्णय हो.

Read More प्याज के दामों पर बवाल: सेना UBT ने समृद्धि एक्सप्रेसवे जाम किया, अंबादास दानवे हिरासत में

इधर, कांग्रेस और शिवसेना मिलकर सरकार में शामिल जरूर है लेकिन वे स्‍थानीय चुनावों में दो अलग- अलग दलों की तरह होंगे. देश की सबसे अमीर नगरीय निकाय बीएमसी में बीते 25 सालों से शिवसेना ही हावी रही है. उसकी तुलना में कांग्रेस का प्रदर्शन लगातार खराब ही रहा है. 2017 में कांग्रेस की रेटिंग सबसे अधिक खराब रही थी. कांग्रेस के पास वर्तमान में 29 निर्वाचित पार्षद हैं. हालांकि अब इनमें से 21 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं.

Read More पुणे यूनिवर्सिटी में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन, शिक्षा सुधार की मांग को मिला हजारों युवाओं का समर्थन

सरकार में शामिल दलों के बीच सबकुछ कैसा चल रहा है, इस पर कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने ट्वीट किया कि “एमवीए सहयोगी होने के बावजूद” बीएमसी के वार्ड आरक्षण की “सबसे बड़ी दुर्घटना” कांग्रेस थी. इस ट्वीट के साथ उन्‍होंने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्‍व राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को टैग किया. उन्‍होंने कहा कि राजनीतिक गठबंधन “एकतरफा” नहीं हो सकते.

कांग्रेस के आरोपों पर शिवसेना ने इनकार करते हुए कहा है कि राज्य चुनाव आयोग की अधिसूचना के अनुरूप लॉटरी प्रणाली के माध्यम से निर्णय लिया गया था. गठबंधन में तीसरे सहयोगी शरद पवार की राकांपा को बड़े भाई के रूप में देखा जाता है. हालांकि पवार भी आपसी खींचतान और आरोपों का खंडन किया है. ऐसा माना जाता है कि महाराष्‍ट्र की एमवीए सरकार का रिमोट कंट्रोल शरद पवार के पास ही है. इधर एनसीपी मंत्री धनंजय मुंडे ने दावा किया कि ‘महाराष्ट्र में अगला मुख्यमंत्री एनसीपी से होगा.’


Tags: