फिरौती वसूली रैकेट में शामिल दलाल जितेंद्र नवलानी प्रकरण की जांच सीबीआई को देने की मांग

Rokthok Lekhani
मुंबई : बिल्डरों से फिरौती वसूली रैकेट में शामिल दलाल जितेंद्र नवलानी के खिलाफ मुंबई पुलिस की एसीबी की कार्रवाई के फांस में खुद ईडी फंस गई है। वहीं करोड़ों रुपए की फिरौती वसूली रैकेट मामले की पोल खुलने के डर से नवलानी की आड़ में खुद की चमड़ी बचाने के लिए ईडी मुंबई उच्च न्यायालय में पहुंची है। कोर्ट में याचिका दायर करके ईडी ने नवलानी के खिलाफ दर्ज मामले की जांच एसीबी से वापस लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को सौंपने का अनूरोध किया है।
फिरौती रैकेट में शामिल वसूली एजेंट जितेंद्र नवलानी और अन्य तीन ईडी अधिकारियों द्वारा मुंबई के तीन बिल्डरों समेत निजी कम्पनियों से ५८.९६ करोड़ रुपए की फिरौती वसूलने जाने का आरोप है। इस मामले में मुंबई पुलिस की एंटी करप्शन ब्यूरो ने हाल ही में नवलानी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हालांकि नवलानी जांच एजेंसी को चकमा दे रहा है। इसके चलते एसीबी ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया है। मुंबई पुलिस की कार्रवाई का फांस गले में फसंने और नवलानी का लिंक होने से ईडी के पैरो तले जमीन खिसक गई है। इस केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपने फिरौतीखोर अधिकारियों को बचाने के लिए अब कोर्ट में दौड़ना शुरू कर दिया है। नवलानी ने साल २०१५ से २०२१ इन छह वर्षों में बिल्डरों के साथ ही कई निजी कंपनियों से हफ्ता वसूली की कतार लगा दी थी। इसके पीछे ईडी के अधिकारियों का सीधे लिंक होने का आरोप है। इसके कारण जांच एजेंसी घबरा गई है।
एसीबी द्वारा रिश्वतखोरी रैकेट जांच को गति दिए जाने से ईडी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इस कार्रवाई से अपने अधिकारियों का बचाव करने के लिए ईडी ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए याचिका दायर की है। याचिका में ईडी ने उच्च न्यायालय से इस कार्रवाई को रोकने का आग्रह किया है। याचिका पर दो जून को सुनवाई होगी।


