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मुंबई : बॉम्बे हाई कोर्ट  ने फहीम अंसारी की ऑटोरिक्शा चलाने की मंजूरी की अर्जी खारिज कर दी

मुंबई : बॉम्बे हाई कोर्ट  ने फहीम अंसारी की ऑटोरिक्शा चलाने की मंजूरी की अर्जी खारिज कर दी बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को फहीम अंसारी की उस पिटीशन को खारिज कर दिया, जिसे 2008 के मुंबई हमलों में बरी कर दिया गया था। अंसारी ने रोजी-रोटी के लिए ऑटोरिक्शा चलाने के लिए ज़रूरी पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट मांगा था। जस्टिस ए.एस. गडकरी और रंजीतसिंह भोंसले की डिवीजन बेंच ने सर्टिफिकेट देने से मना करने के अधिकारियों के फैसले को सही ठहराया और कहा कि मना करना सही था। कोर्ट ने कहा कि डिटेल्ड ऑर्डर बाद में जारी किया जाएगा। 
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मुंबई : बॉम्बे हाई कोर्ट ने मालेगांव ब्लास्ट केस में चार आरोपियों को बरी किया, आरोप खारिज किए

मुंबई : बॉम्बे हाई कोर्ट ने मालेगांव ब्लास्ट केस में चार आरोपियों को बरी किया, आरोप खारिज किए बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2006 के मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी चार लोगों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और एक स्पेशल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
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मुंबई : आईआईएम और आईआईटी बाॅम्बे ने शुरू किया डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स, जेईई मेन स्कोर से मिलेगा एडमिशन

मुंबई : आईआईएम और आईआईटी बाॅम्बे ने शुरू किया डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स, जेईई मेन स्कोर से मिलेगा एडमिशन ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम मेन 2026 में शामिल हुए कैंडिडेट्स के लिए बड़ा अपडेट है. अब जेईई मेन स्कोर से एडमिशन का दायरा बढ़ गया है. अब ऐसे कैंडिडेट्स जेईई मेन स्कोर से डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स में भी एडमिशन ले सकेंगे. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट मुंबई ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे के साथ मिलकर 4 साल का ये अंडर ग्रेजुएट कोर्स शुरू किया है. ये अपने तरह का पहला कोर्स है, जो टेक्नोलॉजी और बिजनेस लीडरशिप को साथ रखकर तैयार किया गया है. 
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मुंबई : महिला के शरीर को देखने और घूरने को अपराध मानने से इंकार  - बॉम्बे हाईकोर्ट 

मुंबई : महिला के शरीर को देखने और घूरने को अपराध मानने से इंकार  - बॉम्बे हाईकोर्ट  बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना अनैतिक व्यवहार है, लेकिन यह 'ताक-झांक' का अपराध नहीं है, बॉम्बे हाई कोर्ट ने शनिवार को एक फैसले में यह बात कही।जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि ऐसे काम नैतिक रूप से गलत हैं, लेकिन भारतीय दंड संहिता की धारा 354C के तहत कानूनी मानदंडों को पूरा नहीं करते। उन्होंने कहा कि महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना 'ताक-झांक' नहीं है। हाईकोर्ट की इस फैसले एक नई चर्चा छिड़ी है। दरअसल घूरने को भी मोटे तौर पर अपराध मान लिया जाता है। 
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