मुंबई : अशोक खरात मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई तेज
Mumbai: Enforcement Directorate intensifies action in Ashok Kharat money laundering case
प्रवर्तन निदेशालय ने स्वयंभू बाबा और ज्योतिषी अशोक खरात के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी ने मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में अर्जी दाखिल कर खरात के खिलाफ ‘प्रोडक्शन वारंट’ जारी करने की मांग की है। फिलहाल वह नासिक जिले में पुलिस हिरासत में बंद है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह मामला 6 अप्रैल को पीएमएलए के तहत दर्ज किया था, जो नासिक पुलिस की FIR के आधार पर शुरू हुआ था। एफआईआर में खरात पर जबरन वसूली, धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और कई महिलाओं को नशीला पदार्थ देकर यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में उसके खिलाफ कई अन्य एफआईआर भी दर्ज हैं।
मुंबई : प्रवर्तन निदेशालय ने स्वयंभू बाबा और ज्योतिषी अशोक खरात के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी ने मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में अर्जी दाखिल कर खरात के खिलाफ ‘प्रोडक्शन वारंट’ जारी करने की मांग की है। फिलहाल वह नासिक जिले में पुलिस हिरासत में बंद है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह मामला 6 अप्रैल को पीएमएलए के तहत दर्ज किया था, जो नासिक पुलिस की FIR के आधार पर शुरू हुआ था। एफआईआर में खरात पर जबरन वसूली, धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और कई महिलाओं को नशीला पदार्थ देकर यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में उसके खिलाफ कई अन्य एफआईआर भी दर्ज हैं।
जानकारी के अनुसार, खरात को 18 मार्च को नासिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जब एक विवाहित महिला ने उस पर तीन साल से लगातार बलात्कार का आरोप लगाया था। इसके बाद अदालत ने उसे 4 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। ईडी का आरोप है कि खरात ने एक संगठित जबरन वसूली नेटवर्क चलाया और ‘बेनामी’ बैंक खातों के जरिए 70 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग की। एजेंसी का कहना है कि यह पैसा विभिन्न तरीकों से जमा किया गया और फिर इसे अलग-अलग खातों में घुमाया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर पीड़ितों के दस्तावेजों का उपयोग कर एक ही दिन में 60 बैंक खाते खोले गए और उनके जरिए बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन किया गया। ईडी को संदेह है कि इस पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी हो सकते हैं। एजेंसी का कहना है कि खरात से हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है, ताकि इस कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों और अंतिम लाभार्थियों की पहचान की जा सके तथा पूरे पैसे के लेन-देन का पता लगाया जा सके। ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने जबरन वसूली से प्राप्त धन और ‘पवित्र’ वस्तुओं की बिक्री से मिले पैसे का उपयोग अपने और अपने परिवार के नाम पर चल-अचल संपत्तियां खरीदने में किया। इस मामले की सुनवाई शनिवार (2 मई) को मुंबई की विशेष PMLA अदालत में होगी, जहां ईडी की याचिका पर फैसला लिया जा सकता है।


