मुंबई : आशा भोसले के अंतिम दर्शन को उनके घर पहुंचे सीएम फडणवीस, श्रद्धांजलि अर्पित की
Mumbai: CM Fadnavis reached Asha Bhosle's house to pay his last respects and paid tribute.
भारतीय संगीत जगत की दिग्गज और बहुमुखी पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दुख जताया है। सीएम ने आशा भोसले के घर पहुंचकर पार्थिव शरीर के दर्शन किए और उनको अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष शेलार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तस्वीरें साझा कीं।
मुंबई : भारतीय संगीत जगत की दिग्गज और बहुमुखी पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दुख जताया है। सीएम ने आशा भोसले के घर पहुंचकर पार्थिव शरीर के दर्शन किए और उनको अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष शेलार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तस्वीरें साझा कीं। शेलार ने तस्वीरों के कैप्शन में लिखा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आशाताई के आवास पर जाकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी।
इससे पहले मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "पद्म विभूषण और महाराष्ट्र भूषण से सम्मानित वयोवृद्ध गायिका आशाताई भोसले के निधन की खबर बेहद हृदयविदारक है। उन्होंने अभी तीन साल पहले ही अपना 90वां जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाया था। उनके निधन के साथ ही लता दीदी के बाद मंगेशकर परिवार का एक और सितारा टूट गया है। सुरों का वह खूबसूरत चमन आज वीरान हो गया है।" सीएम ने आगे लिखा कि आशाताई की आवाज संगीत की आत्मा थी। गायन के क्षेत्र में आशाताई एक शाश्वत वसंत थीं और मधुर भावनाओं का एक विशाल सागर थीं। 'तोरा मन दर्पण कहलाए' जैसे रूह को छू लेने वाले गीतों से लेकर 'खल्लास' जैसे गानों तक, उन्होंने अनगिनत भावों वाले गीत बड़ी सहजता से गाए। उन्होंने भक्ति गीत, भावपूर्ण धुनें, नाट्य संगीत, गजल, शास्त्रीय संगीत, रवींद्र संगीत, लोकगीत और पॉप जैसे विभिन्न शैलियों पर अपनी एक अनोखी छाप छोड़ी। मराठी, हिंदी, बंगाली के साथ-साथ 20 अन्य भारतीय भाषाओं और विदेशी भाषाओं में 12,000 से अधिक गीत गाने वाली आशाताई को 'महाराष्ट्र भूषण' की तर्ज पर 'बांग्ला विभूषण' जैसे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया था।
उन्होंने कहा कि ऐसी बहुमुखी प्रतिभा की धनी गायिका जिन्होंने बदलाव को इतनी सहजता से अपनाया, अब दोबारा नहीं आएंगी। अभी हाल ही में, 'विश्व रेडियो दिवस' के एक कार्यक्रम में जब हम साथ थे, तो उन्होंने मुझसे जिद करके अपने लिए 'अभी न जाओ छोड़कर...' गीत गवाया था और मजाकिया अंदाज में कहा भी था, "देखो, मैंने मुख्यमंत्री से अपने लिए गाना गवा लिया।" यह विचार ही असहनीय है कि अब हमें आशा ताई का साथ नहीं मिलेगा। मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हम उनके परिवार और देशभर में फैले उनके असंख्य प्रशंसकों के दुख में उनके साथ हैं।


