मुंबई : अंधेरी पश्चिम इलाके में मिलावटखोरों का खतरनाक खेल; पुलिस औ एफडीए की संयुक्त कार्रवाई
Mumbai: The Dangerous Game of Adulterators in Andheri West; Joint Operation by Police and FDA
हैरानी की बात यह है कि पैकेट से निकाला गया शुद्ध दूध भी अलग से नकली पैकेट में भरकर बेचा जाता था यानी एक ही दूध से दोहरा मुनाफा कमाने का यह खतरनाक खेल लंबे समय से चल रहा था। इस मिलावटी दूध का सीधा खतरा शहर के बुजुर्गों, छोटे बच्चों और आम नागरिकों की सेहत पर मंडरा रहा है। कार्रवाई के दौरान कुल ६३७ लीटर दूध जब्त किया गया। इनमें से कुछ नमूने जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं, जबकि लगभग ६२१ लीटर मिलावटी दूध को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। जब्त किए गए दूध की अनुमानित कीमत करीब ३७ हजार रुपए बताई गई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी ३१ दिसंबर २०२५ के आस-पास अंधेरी-पश्चिम के कपासवाड़ी और फोर बंगलो इलाकों में इसी तरह की छापेमारी की गई थी। उस कार्रवाई में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अलग-अलग अभियानों में कुल १४ आरोपियों को पकड़ा जा चुका है और सरकार ने इस गिरोह के खिलाफ मकोका लगाने की घोषणा भी की है।
मुंबई : मुंबई में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ का खतरनाक खेल लगातार सामने आ रहा है। शहर में दूध जैसे रोजमर्रा के जरूरी खाद्य पदार्थ में मिलावट का गोरखधंधा अब खुलेआम चल रहा है। अंधेरी पश्चिम इलाके में मिलावटखोरों का एक ऐसा ही ‘सफेद जहर’ का कारोबार पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की संयुक्त कार्रवाई में बेनकाब हुआ है। कार्रवाई के दौरान मिलावटी दूध बनानेवाला एक अवैध ‘मिनी कारखाना’ पकड़ा गया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भास्कर बतुला, रामलिंग गज्जी, रमेश जवाजी, महेश मंडरा और अश्विनी मंडरा शामिल हैं। ये सभी आरोपी लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर मिलावटी दूध बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे थे। पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर ९ अप्रैल की सुबह करीब ४:३० बजे अंधेरी-पश्चिम के नवजीत नगर इलाके में छापा मारा गया। छापेमारी के दौरान जो दृश्य सामने आया, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। यहां बाकायदा एक ‘मिनी दूध कारखाना’ चलाया जा रहा था, जहां बड़े पैमाने पर दूध में मिलावट की जा रही थी।
जांच के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में दूध के पैकेट, पानी की बोतलें, कटे हुए पाउच और पैकेट सील करने के उपकरण बरामद किए गए। आरोपी नामी कंपनियों के दूध के पैकेट को ब्लेड से काटकर उसमें से कुछ मात्रा में शुद्ध दूध निकाल लेते थे और उसकी जगह अस्वच्छ पानी भर देते थे। इसके बाद मोमबत्ती और चिमटे की मदद से पैकेट को दोबारा सील कर बाजार में बेच दिया जाता था।
हैरानी की बात यह है कि पैकेट से निकाला गया शुद्ध दूध भी अलग से नकली पैकेट में भरकर बेचा जाता था यानी एक ही दूध से दोहरा मुनाफा कमाने का यह खतरनाक खेल लंबे समय से चल रहा था। इस मिलावटी दूध का सीधा खतरा शहर के बुजुर्गों, छोटे बच्चों और आम नागरिकों की सेहत पर मंडरा रहा है।
६३७ लीटर दूध जब्त
कार्रवाई के दौरान कुल ६३७ लीटर दूध जब्त किया गया। इनमें से कुछ नमूने जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं, जबकि लगभग ६२१ लीटर मिलावटी दूध को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। जब्त किए गए दूध की अनुमानित कीमत करीब ३७ हजार रुपए बताई गई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी ३१ दिसंबर २०२५ के आस-पास अंधेरी-पश्चिम के कपासवाड़ी और फोर बंगलो इलाकों में इसी तरह की छापेमारी की गई थी। उस कार्रवाई में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अलग-अलग अभियानों में कुल १४ आरोपियों को पकड़ा जा चुका है और सरकार ने इस गिरोह के खिलाफ मकोका लगाने की घोषणा भी की है।


