मुंबई-बेंगलुरु एयर इंडिया फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, 'पैन-पैन' कॉल के बाद पायलट ने उठाया कदम
Mumbai-Bengaluru Air India flight makes emergency landing, pilot responds to 'pan-pan' call
मुंबई से बेंगलुरु जा रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट में गुरुवार को हवा में ही इंजन से जुड़ी एक समस्या आ गई। इसके चलते पायलटों को 'पैन-पैन' कॉल करना पड़ा। यह घटना एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2812 से जुड़ी है। जिसे एक एयरबस A320 निओ विमान ऑपरेट कर रहा था। सुबह 2:05 बजे उड़ान भरने का समय तय था, लेकिन विमान ने लगभग 2:15 बजे उड़ान भरी और कुछ ही देर बाद मुंबई लौट आया। लगभग 2:35 बजे विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गया।
मुंबई : मुंबई से बेंगलुरु जा रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट में गुरुवार को हवा में ही इंजन से जुड़ी एक समस्या आ गई। इसके चलते पायलटों को 'पैन-पैन' कॉल करना पड़ा। यह घटना एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2812 से जुड़ी है। जिसे एक एयरबस A320 निओ विमान ऑपरेट कर रहा था। सुबह 2:05 बजे उड़ान भरने का समय तय था, लेकिन विमान ने लगभग 2:15 बजे उड़ान भरी और कुछ ही देर बाद मुंबई लौट आया। लगभग 2:35 बजे विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गया।
'पैन-पैन' कॉल का मतलब
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'पैन-पैन' कॉल एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त आपातकालीन संकेत है। इसका इस्तेमाल विमानन और समुद्री संचार में किया जाता है। यह एक ऐसी गंभीर स्थिति का संकेत देता है जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता होती है, लेकिन यह मेडे जैसी आपात स्थिति जितनी गंभीर नहीं होती। पिछले महीने यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी की एक रिपोर्ट में एयर इंडिया में सुरक्षा से जुड़ी कई खामियों की ओर इशारा किया गया था। यह रिपोर्ट यूरोपीय हवाई अड्डों पर एयर इंडिया के विमानों के अचानक किए गए निरीक्षण के बाद सामने आई थी। इन नतीजों ने विमानों के बेड़े की विश्वसनीयता और इंजीनियरिंग मानकों को लेकर जारी चिंताओं को उजागर किया।
एयर इंडिया की उड़ान पर उठे सवाल
टाटा संस के स्वामित्व वाली इस एयरलाइन को रखरखाव और इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं को लेकर भारत के विमानन नियामक की ओर से बार-बार जांच का सामना करना पड़ा है। इससे टाटा ग्रुप में वापसी के बाद से एयरलाइन के सुधार के प्रयासों पर सवाल उठने लगे हैं। पिछले साल हुई एक जानलेवा विमान दुर्घटना के बाद से एयर इंडिया के परिचालन पर भी सबकी नजर बनी हुई है। उस दुर्घटना में 260 लोगों की जान चली गई थी। हालांकि, शुरुआती जांच के निष्कर्षों में दुर्घटना का कारण विमान में कोई तकनीकी खराबी या एयरलाइन की इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं में कोई कमी नहीं पाया गया था।
एयर इंडिया के सीईओ ने दे दिया है इस्तीफा
एक अन्य घटनाक्रम में एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने इस सप्ताह की शुरुआत में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। एयरलाइन ने बताया कि विल्सन ने 2024 में ही टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को अपने इस फैसले के बारे में सूचित कर दिया था। इस घटना से विल्सन के बाद एयरलाइन की कमान संभालने के लिए किसी स्पष्ट उत्तराधिकार योजना के अभाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।


