मुंबई : छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1B के अंदर लगी आग
Mumbai: Fire breaks out inside Terminal 1B of Chhatrapati Shivaji International Airport.
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बड़ी खबर आ रही है। गुरुवार को छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1B के अंदर आग लगने की खबर मिली है। सूचना मिलने पर मुंबई फायर ब्रिगेड से अतिरिक्त मदद बुलानी पड़ी। इसके अलावा एयरपोर्ट की टीम आग पर काबू पाने में जुट गई।
मुंबई : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बड़ी खबर आ रही है। गुरुवार को छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1B के अंदर आग लगने की खबर मिली है। सूचना मिलने पर मुंबई फायर ब्रिगेड से अतिरिक्त मदद बुलानी पड़ी। इसके अलावा एयरपोर्ट की टीम आग पर काबू पाने में जुट गई।
कहां लगी आग?
मुंबई फायर ब्रिगेड के चीफ फायर ऑफिसर रविंद्र अंबुलगेकर के मुताबिक, टर्मिनल के अंदर केबल ट्रे और स्विच बॉक्स में आग लगी थी। बताया जा रहा है कि आग टर्मिनल के ग्राउंड फ्लोर तक ही सीमित है। आग बुझाने के लिए मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस और वार्ड स्टाफ को लगाया गया है।
माटुंगा रेलवे वर्कशॉप में लगी आग, आग की लपटें देख दहशत में लोग
इससे पहले 7 अप्रैल को मुंबई के माटुंगा इलाके में स्थित रेलवे वर्कशॉप में अचानक आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना माटुंगा रेलवे स्टेशन के पास स्थित सेंट्रल रेलवे के कोच मरम्मत वर्कशॉप में हुई, जहां रेलवे के डिब्बों की मरम्मत और मेंटेनेंस का काम किया जाता था। जानकारी के अनुसार, वर्कशॉप परिसर में खड़ी एक कोच में आग लगी, जिसके बाद देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं और धुआं दूर तक फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया।
इलाके को तुरंत खाली कराया
अधिकारियों के अनुसार आग पर काबू पाने के लिए तत्काल सुरक्षा उपाय किए गए और आसपास के इलाके को तुरंत खाली कराया गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि एहतियात के तौर पर मेडिकल टीम को मौके पर तैनात किया गया है।
मुलशी के भालगुडी गांव में आग से छह घर जलकर खाक
उधर, पुणे जिले के मुलशी तालुका के भालगुडी गांव के तहत आने वाली लव्हलवाडी की एक घनी आबादी वाली बस्ती में स्थित छह घर बुधवार शाम करीब 5:00 बजे अचानक लगी आग की चपेट में आकर जलकर राख हो गए। गनीमत रही कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में किसी की जान नहीं गई। हालांकि, इन सभी छह परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। चूंकि ये छह परिवार मॉनसून के मौसम से ठीक पहले बेघर हो गए हैं, इसलिए पूरे समुदाय में उनके प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त की जा रही है। नतीजतन, ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।


