मुंबई में बढ़ी गर्मी, स्काईमेट ने इस बार के मॉनसून में औसत से कम बारिश का लगाया अनुमान, बढ़ी किसानों की टेंशन

Increased heat in Mumbai, Skymet predicts less than average rains in this year's monsoon, increased farmers' tension

मुंबई में बढ़ी गर्मी, स्काईमेट ने इस बार के मॉनसून में औसत से कम बारिश का लगाया अनुमान, बढ़ी किसानों की टेंशन

महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश के दौर के बाद अब फिर से भीषण गर्मी लौट आई है। मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई जैसे शहरों में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहते हैं और अधिकतम तापमान बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इस बार महाराष्ट्र में मॉनसून कैसा रहेगा। इसको लेकर एक प्राइवेट मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई है। जिसने किसानों और आम जनता दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्काईमेट ने अनुमान लगाया है कि इस साल बारिश औसत से कम होने की संभावना है। क्या सूखे जैसी स्थिति पैदा होगी?

मुंबई : महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश के दौर के बाद अब फिर से भीषण गर्मी लौट आई है। मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई जैसे शहरों में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहते हैं और अधिकतम तापमान बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इस बार महाराष्ट्र में मॉनसून कैसा रहेगा। इसको लेकर एक प्राइवेट मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई है। जिसने किसानों और आम जनता दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्काईमेट ने अनुमान लगाया है कि इस साल बारिश औसत से कम होने की संभावना है। क्या सूखे जैसी स्थिति पैदा होगी?

 

Read More मुंबई से बंगाल तक जुड़ रहे तार, एनसीआर के दो सुपर स्‍पेशियलिटी अस्पतालों पर भी संदेह

पिछले साल राज्य भर में अत्यधिक बारिश के कारण किसान परेशान हो गए थे। इस साल उन्हें कुछ राहत मिलने की उम्मीद थी। हालांकि स्काईमेट की ताजा रिपोर्ट के बाद चिंताएं और बढ़ गई हैं। इस बात की संभावना है कि मॉनसून के मौसम की शुरुआत में ही 'अल नीनो' की घटना सक्रिय हो सकती है। स्काईमेट की स्टडी से पता चलता है कि इससे जलवायु में बड़े बदलाव आएंगे। इसके परिणामस्वरूप जून और सितंबर के महीनों के बीच बारिश औसत से कम होगी। इसके अलावा एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि इसके परिणामस्वरूप देश भर में सूखे जैसी स्थिति पैदा होने की 30 प्रतिशत संभावना है। 

Read More मुंबई : यूपी-बिहार जैसे शहरों से आनेवालों के लिए किराए पर सस्ते घर देगी महाराष्ट्र सरकार

अल नीनो मॉनसून के लिए बनेगा विलेन
प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी क्षेत्रों में सतह का तापमान बढ़ रहा है। इससे अल नीनो की घटना बनने की संभावना बढ़ जाती है। स्काईमेट ने अनुमान लगाया है कि इस घटना का भारत के मॉनसून पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। साथ ही स्काईमेट ने यह भी कहा कि अल नीनो के प्रभाव की तीव्रता को हिंद महासागर में 'इंडियन ओशन डाइपोल' द्वारा कुछ हद तक कम किया जा सकता है। उम्मीद है कि IOD जून की शुरुआत में मॉनसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाएगा। 

Read More मुंबई : 100किलोमीट के ज्यादा का सफर, बेंगलुरु को पीछे छोड़ मुंबई बना भारत का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क

अगस्त और सितंबर में कब बारिश
हालांकि इसके परिणामस्वरूप देश के कई हिस्सों में अगस्त और सितंबर के बीच बारिश का स्तर कम रहने की संभावना है। महाराष्ट्र में आमतौर पर जुलाई और अगस्त के दौरान सबसे अधिक बारिश होती है। इसलिए जलवायु में यह बदलाव किसानों के लिए भारी नुकसान का जोखिम पैदा करता है। इन बदलावों का प्रभाव मध्य और पश्चिमी भारत में सबसे ज्यादा महसूस होने की संभावना है। 

Read More मुंबई : अंधेरी पश्चिम इलाके में मिलावटखोरों का खतरनाक खेल; पुलिस औ एफडीए की संयुक्त कार्रवाई

भारत मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट का इंतजार
इस बीच देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में अल नीनो का प्रभाव कम होने की उम्मीद है। नतीजतन इन क्षेत्रों में पूरे मॉनसून के मौसम के दौरान अच्छी बारिश होने का अनुमान है। हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अभी तक इस संबंध में कोई जानकारी जारी नहीं की है। फिर भी आईएमडी के इस सप्ताह तक अपनी रिपोर्ट सौंपने की संभावना है। स्काईमेट के पूर्वानुमान के अनुसार, औसत से कम बारिश होने की 40 प्रतिशत संभावना है।