मुंबई : देश में एलपीजी की आपूर्ति पर्याप्त, 52.3 लाख से अधिक सिलेंडर डिलीवर हुए: केंद्र
Mumbai: LPG supply in the country is adequate, over 52.3 lakh cylinders have been delivered: Centre Show alternatives
देश में शनिवार को 52.3 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी हुई है और देश में एलपीजी की आपूर्ति पर्याप्त है। साथ ही, किसी भी वितरक के पास से गैस समाप्त होने की कोई सूचना नहीं मिली है। यह जानकारी केंद्र सरकार की ओर से रविवार को दी गई। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि देश में पीएनजी कनेक्शन को लेकर कार्य तेजी से चल रहा है और मार्च 2026 से 4.24 लाख से ज्यादा पीएनजी कनेक्शंस को गैस की आपूर्ति शुरू की गई है और 4.66 लाख से ज्यादा ग्राहकों ने नए कनेक्शंस से लिए पंजीकृत किया है।
मुंबई : देश में शनिवार को 52.3 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी हुई है और देश में एलपीजी की आपूर्ति पर्याप्त है। साथ ही, किसी भी वितरक के पास से गैस समाप्त होने की कोई सूचना नहीं मिली है। यह जानकारी केंद्र सरकार की ओर से रविवार को दी गई। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि देश में पीएनजी कनेक्शन को लेकर कार्य तेजी से चल रहा है और मार्च 2026 से 4.24 लाख से ज्यादा पीएनजी कनेक्शंस को गैस की आपूर्ति शुरू की गई है और 4.66 लाख से ज्यादा ग्राहकों ने नए कनेक्शंस से लिए पंजीकृत किया है।
सरकार ने बताया कि तेल वितरक कंपनियां प्रवासी मजदूरों को 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए जागरूकता अभियान चला रही हैं और बीते आठ दिनों में 3,300 से ज्यादा जागरूकता शिविर लगाए जा चुके हैं, जहां 35,800 पांच किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की बिक्री की गई है। शनिवार को भी एक लाख से ज्यादा 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर्स की बिक्री की गई है, जो कि फरवरी 2026 के औसत 77,000 से काफी अधिक है। 23 मार्च से अब तक 13 लाख से ज्यादा 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की बिक्री हो चुकी है।
मंत्रालय ने बताया कि कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति युद्ध शुरू होने के पहले के स्तर से 70 प्रतिशत बनी हुई है, जिसमें 10 प्रतिशत का सुधार से जुड़ा आवंटन शामिल है। 14 मार्च 2026 से अब तक कुल 1,20,898 मीट्रिक टन (जो 19 किलोग्राम के 63.6 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों के बराबर है) कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने कहा कि सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, जबकि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जा रहा है। घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है।


