मुंबई : पानी का संकट गहराया, झीलों का जलस्तर घटकर 37.70% पर पहुंचा
Mumbai: Water crisis deepens, lake level drops to 37.70%
बढ़ती गर्मी के साथ पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। शहर को पानी सप्लाई करने वाली झीलों का जलस्तर लगातार घट रहा है और फिलहाल यह घटकर 37.70 प्रतिशत रह गया है। इससे आने वाले महीनों में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मुंबई : बढ़ती गर्मी के साथ पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। शहर को पानी सप्लाई करने वाली झीलों का जलस्तर लगातार घट रहा है और फिलहाल यह घटकर 37.70 प्रतिशत रह गया है। इससे आने वाले महीनों में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सात झीलों पर टिकी है मुंबई की प्यास
मुंबई की जल आपूर्ति पूरी तरह सात प्रमुख झीलों—अपर वैतरणा, मोडकसागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी—पर निर्भर है।
इन सभी जलाशयों का कुल भंडारण क्षमता लगभग 14.47 लाख मिलियन लीटर है, जिससे रोजाना करीब 4000 मिलियन लीटर पानी शहर को सप्लाई किया जाता है। हालांकि सभी झीलों में जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है, जो चिंता का विषय बन गई है।
कई इलाकों में कम दबाव की समस्या
शहर के कई हिस्सों में पानी के कम दबाव की शिकायतें सामने आ रही हैं।
लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
बीएमसी के सामने बड़ी चुनौती
बीएमसी के सामने जुलाई तक पानी की आपूर्ति को संतुलित बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि मौजूदा जल भंडारण पिछले दो वर्षों की तुलना में बेहतर बताया जा रहा है, लेकिन अनिश्चित मानसून और बढ़ती गर्मी के चलते यह राहत ज्यादा लंबे समय तक नहीं रह सकती।
आगे और गिर सकता है जलस्तर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर बारिश नहीं होती है, तो झीलों का जलस्तर और नीचे जा सकता है।
ऐसे में पानी की कटौती जैसे सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं।
इस स्थिति से बचने के लिए नागरिकों को पानी का समझदारी से उपयोग करना बेहद जरूरी हो गया है।
मुंबई में संभावित जल संकट को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।


