मुंबई : रिटायर्ड नागरिकों की पेंशन पर निशाना, लाखों की ठगी के मामले बढ़े
Mumbai: Pensions of retired citizens targeted, cases of fraud worth lakhs on the rise
साइबर क्रिमिनल्स रिटायर्ड नागरिकों को टारगेट कर उनकी पेंशन और बचत निकालने के नए तरीके अपना रहे हैं। डिजिटल जानकारी की कमी और ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति कम जागरूकता का फ़ायदा उठाकर अपराधी बुज़ुर्गों को नकली स्कीम और धोखाधड़ी कॉल के ज़रिए फंसाते हैं।
मुंबई : साइबर क्रिमिनल्स रिटायर्ड नागरिकों को टारगेट कर उनकी पेंशन और बचत निकालने के नए तरीके अपना रहे हैं। डिजिटल जानकारी की कमी और ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति कम जागरूकता का फ़ायदा उठाकर अपराधी बुज़ुर्गों को नकली स्कीम और धोखाधड़ी कॉल के ज़रिए फंसाते हैं। हाल के मामलों से यह स्पष्ट हुआ है कि फ्रॉड करने वाले अक्सर खुद को पुलिस अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि या सरकारी अधिकारी बताकर बुज़ुर्गों को डराने और पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर करते हैं। साइबर अपराधी इमोशनल और डराने वाले संदेशों का इस्तेमाल कर रिटायर्ड लोगों को जल्दी निर्णय लेने पर मजबूर करते हैं।
मुंबई में हाल ही में कांदिवली की 67 साल की महिला से ₹14 लाख की ठगी हुई, जब अपराधियों ने साइबर क्राइम अधिकारी बनकर उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” में फंसाया और पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाया। मझगांव के एक रिटायर्ड कर्मचारी ने भी नकली ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कीम में ₹25 लाख से अधिक गंवा दिए, जिसमें पहले उन्हें छोटे-छोटे मुनाफ़े दिखाकर भरोसा जीतने की कोशिश की गई। साइबर फ्रॉड केवल शहर तक सीमित नहीं है। विशाखापत्तनम में 75 साल के एक आदमी को ₹85 लाख का नुकसान हुआ, जबकि पुणे की 77 साल की महिला ने कई दिन तक कई ट्रांज़ैक्शन करने के बाद कुल ₹1.63 करोड़ गंवा दिए। विशेषज्ञों का कहना है कि बुज़ुर्ग लोग फ्रॉड करने वालों की बातों पर आसानी से भरोसा कर लेते हैं, जिससे अपराधियों के लिए पेंशन और बचत निकालना आसान हो जाता है।
साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि रिटायर्ड नागरिकों को डिजिटल फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं के बारे में जागरूक होना चाहिए। किसी भी संदिग्ध कॉल या ईमेल में व्यक्तिगत जानकारी, बैंक डिटेल्स या पिन शेयर करना खतरनाक है। अधिकारी कहते हैं कि बुज़ुर्गों को परिवार या भरोसेमंद लोगों की मदद लेकर ही ऑनलाइन लेनदेन करना चाहिए और अगर कोई नकली क्लेम या धमकी भरा संदेश आता है, तो तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।
हाल के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में मुंबई और आसपास साइबर फ्रॉड के कम से कम दस बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें लाखों रुपये की ठगी हुई। अधिकारियों ने कहा कि साइबर क्राइम में तेजी से बढ़ती घटनाओं के मद्देनज़र बुज़ुर्गों के लिए डिजिटल सुरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान ज़रूरी हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रिटायर्ड नागरिकों को किसी भी ऑनलाइन स्कीम या कॉल पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। बैंक या सरकारी अधिकारी कभी भी फोन या ईमेल पर पर्सनल डिटेल्स या पेंशन का विवरण नहीं मांगते। साथ ही, किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले हमेशा सही पहचान और अधिकारिक चैनल की पुष्टि करना जरूरी है।


