नवी मुंबई : नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर समेत कई अधिकारियों पर एफआईआर, मृतक की पत्नी ने लगाए ये गंभीर आरोप
Navi Mumbai: FIR lodged against several officials, including the zonal director of the Narcotics Control Bureau, after the deceased's wife levelled serious allegations.
बेलापुर स्थित प्रसिद्ध बिल्डर गुरुनाथ चिचकर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर अमित घावटे और उनकी टीम के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. एनआरआई सागरी पुलिस स्टेशन में यह एफआईआर मृतक की पत्नी डॉ. किरण गुरुनाथ चिचकर (56) के लिखित बयान के आधार पर दर्ज की गई है. पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 308(3) (जबरन वसूली), 352, 351(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है.
नवी मुंबई : बेलापुर स्थित प्रसिद्ध बिल्डर गुरुनाथ चिचकर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर अमित घावटे और उनकी टीम के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. एनआरआई सागरी पुलिस स्टेशन में यह एफआईआर मृतक की पत्नी डॉ. किरण गुरुनाथ चिचकर (56) के लिखित बयान के आधार पर दर्ज की गई है. पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 308(3) (जबरन वसूली), 352, 351(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है.
डॉ. किरण चिचकर ने अपने बयान में बताया कि घटना की शुरुआत 2 फरवरी 2025 को हुई, जब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अधिकारी आकाश मलिक 15-20 लोगों की टीम के साथ बिना किसी पूर्व सूचना के उनके घर पहुंचे. उस समय वे घर पर नहीं थे. आरोप है कि अधिकारियों ने घर के नौकर को पीटा, उसका फोन छीन लिया और जबरन घर की तलाशी ली. इस दौरान टीम ने बिना किसी जब्ती सूची (पंचनामा) के घर से 2 लाख रुपये नकद, कीमती घड़ियां और जरूरी दस्तावेज जैसे पासपोर्ट और बैंक स्टेटमेंट जब्त कर लिए.
घावटे ने संपत्ति कुर्क करने की दी धमकी- डॉ. किरण
शिकायत के अनुसार, जोनल डायरेक्टर अमित घावटे ने गुरुनाथ चिचकर को मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित किया. डॉ. किरण का आरोप है कि घावटे ने उनके पति को धमकी दी थी कि यदि वे अपने बच्चों का नाम केस से हटवाना चाहते हैं, तो उन्हें 10 से 15 करोड़ रुपये देने होंगे. पैसे न देने पर पूरे परिवार को झूठे ड्रग्स केस में फंसाकर जेल भेजने और संपत्ति कुर्क करने की धमकी दी गई थी.
पीड़िता ने केवल नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ही नहीं, बल्कि एंटी नार्कोटिक्स सेल बेलापुर के वरिष्ठ अधिकारी संदीप निगड़े पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. बयान के मुताबिक, निगड़े ने बिल्डर के ऑफिस आकर सबके सामने उन्हें गाली-गलौज की और पैसों की मांग की. उन्होंने धमकी दी थी कि पैसे लाओ या बच्चों को हाजिर करो, वरना तुम्हें और तुम्हारी पत्नी को जेल में डाल देंगे.
डॉक्टर किरण ने आरोप लगाया कि लगातार मिल रही धमकियों और प्रताड़ना के कारण गुरुनाथ चिचकर गहरे मानसिक दबाव में थे. इसी तनाव के चलते 21 अप्रैल को उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया और उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. आखिरकार, 25 अप्रैल 2025 को उन्होंने अपने कार्यालय में सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली. पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन अधिकारियों के नाम लिखे हैं जो उन्हें परेशान कर रहे थे.
डॉ. किरण ने पुलिस को बताया कि उनके पति ने आत्महत्या से पहले अपनी जान को खतरा बताते हुए नवी मुंबई पुलिस कमिश्नर, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को भी शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई राहत नहीं मिली. अब पुलिस ने इस मामले में आधिकारिक एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.


