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Read More... नवी मुंबई : नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर समेत कई अधिकारियों पर एफआईआर, मृतक की पत्नी ने लगाए ये गंभीर आरोप
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बेलापुर स्थित प्रसिद्ध बिल्डर गुरुनाथ चिचकर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर अमित घावटे और उनकी टीम के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. एनआरआई सागरी पुलिस स्टेशन में यह एफआईआर मृतक की पत्नी डॉ. किरण गुरुनाथ चिचकर (56) के लिखित बयान के आधार पर दर्ज की गई है. पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 308(3) (जबरन वसूली), 352, 351(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है. मुंबई : 24 साल पुराने बैंक फ्रॉड केस में फरार आरोपी गिरफ्तार, केंद्रीय जांच ब्यूरो ने मुंबई से दबोचा, 11 साल थी तलाश
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केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 24 साल पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने फरार चल रहे आरोपी हरपाल सिंह आहूजा को गिरफ्तार कर लिया है.हरपाल इस मामले में घोषित अपराधी है. वो पिछले करीब 11 साल से कानून से बचता फिर रहा था, वहीं केंद्रीय जांच ब्यूरो लगातार उसकी तलाश कर रही थी. केंद्रीय जांच ब्यूरो के मुताबिक, इस बैंक धोखाधड़ी के मामले में केस 27 अप्रैल 2001 को दर्ज किया गया था. जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने 19 मार्च 2003 को हरपाल सिंह आहूजा और अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी. बताया गया है कि हरपाल सिंह आहूजा इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता था उसी ने इस धोखाधड़ी की साजिश रची थी. पुणे : एंटी-करप्शन ब्यूरो ने 25,000 रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की
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एंटी-करप्शन ब्यूरो ने एक मामला दर्ज किया है, जब पता चला कि वडगांव निंबालकर (तालुका बारामती) पुलिस स्टेशन में काम करने वाले एक पुलिस कांस्टेबल ने एक रजिस्टर्ड केस में आरोपी को ज़मानत दिलाने के लिए 25,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। भ्रष्ट कांस्टेबल का नाम पुलिस कांस्टेबल रमेश लक्ष्मण नागतिलक (42) है, और एंटी-करप्शन ब्यूरो की जांच में पता चला कि उसने 25,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह कार्रवाई शनिवार (31) को की गई। मुंबई : केंद्रीय जांच ब्यूरो की बड़ी कामयाबी, 3 भगोड़े अपराधियों को मुंबई में पकड़ा, मलेशिया किया डिपोर्ट
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केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इंटरपोल की मदद से एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई को अंजाम दिया है. केंद्रीय जांच ब्यूरो ने मलेशिया की एजेंसियों के साथ मिलकर तीन रेड नोटिस जारी आरोपियों को मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पकड़ा और उन्हें भारत से मलेशिया डिपोर्ट कराया है. जानकारी के मुताबिक जिन तीन आरोपियों को डिपोर्ट किया गया है उनके नाम श्रीधरन सुब्रमणियम, प्रतिफ कुमार सेल्वराज और नविंद्रेन राज कुमारासन हैं. 
