ठाणे : स्कूलों के पास सिगरेट-गुटखा बेचने वालों की अब खैर नहीं, नगर परिषद ने शुरू किया बड़ा ‘सफाई’ अभियान
Thane: Cigarette and gutkha sellers near schools are in trouble now, the city council has started a major 'cleanliness' campaign.
ठाणे जिले में स्थित अंबरनाथ नगर परिषद ने स्कूली छात्रों को नशे के जाल से बचाने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अंबरनाथ नगर परिषद प्रशासन ने सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों को देखते हुए इसकी बिक्री के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है और संबंधित पान की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ठाणे : ठाणे जिले में स्थित अंबरनाथ नगर परिषद ने स्कूली छात्रों को नशे के जाल से बचाने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अंबरनाथ नगर परिषद प्रशासन ने सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों को देखते हुए इसकी बिक्री के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है और संबंधित पान की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह निर्णय नगर परिषद की अध्यक्ष तेजश्री करंजुले-पाटिल और मुख्याधिकारी उमाकांत गायकवाड़ की बैठक में लिया गया था।
पिछले कुछ वर्षों में अंबरनाथ शहर में गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की आपूर्ति और बिक्री के मामले पुलिस द्वारा दर्ज किए जा रहे हैं। इसके अलावा नशीले पदार्थों के विक्रेता स्कूलों के पास पान के पत्ते रखकर छात्रों को नशे के जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अंबरनाथ नगरपालिका ने स्कूलों और मंदिरों के 100 मीटर के दायरे में सिगरेट, गुटखा और तंबाकू की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।
नियमों को उल्लघंन किया तो हाेगी कार्रवाई
इस अभियान के तहत, स्कूलों के पास बिक्री करने वाले दुकानदारों को पहले नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी यदि नियमों का उल्लंघन जारी रहता है, तो जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। सिगरेट और तंबाकू का सेवन छात्रों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यह आदत जो कम उम्र में शुरू होती है, बाद में लत में बदल जाती है और कैंसर, श्वसन संबंधी बीमारियों और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बनती है।
छात्रों पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव
अंबरनाथ नगर परिषद अध्यक्ष तेजश्री करंजुले ने बताया कि यह अभियान इसलिए चलाया जा रहा है क्योंकि इसका विद्यालय के वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यह कार्रवाई नगर परिषद के अतिक्रमण विभाग, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा की जाएगी। नागरिकों से भी ऐसी बिक्री के बारे में जानकारी देकर सहयोग करने की अपील की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के स्वास्थ्य की रक्षा करना और तंबाकू मुक्त वातावरण बनाना है। नपा के मुख्याधिकारी उमाकांत गायकवाड़ के आदेशानुसार नपा के अवैध निर्माण तोडू दस्ते के प्रमुख नरेंद्र सखें की टीम ने टपरियों को हटाने तथा तोड़क कार्रवाई शुरू कर दी है।
नारे नहीं, सड़कों पर कार्रवाई की जरूरत है
वर्तमान स्थिति में अंबरनाथ शहर के विभिन्न हिस्सों में कई स्कूलों के पास सिगरेट और तंबाकू बेचने वाले दर्जनों स्टॉल मौजूद हैं। स्कूलों द्वारा नगर पालिका से बार-बार शिकायत करने के बावजूद, इन स्टॉलों को अभी भी पनाह दी जा रही है। इसलिए नगर पालिका ने स्कूलों के पास स्थित स्टॉलों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की है। लेकिन सवाल उठ रहा है कि क्या नगर पालिका अधिकारी वास्तव में स्कूलों के पास से इन स्टॉलों को हटाएंगे।


