गाजियाबाद : आतंकी मॉड्यूल का सामने आया मुंबई कनेक्शन, आईएसआई एजेंट महिला ने बनाया स्लीपर सेल नेटवर्क
Ghaziabad: Terror module's Mumbai connection revealed, female ISI agent sets up sleeper cell network
छह जासूसों के पकड़े जाने के बाद उनका कनेक्शन खंगाल रही सुरक्षा एजेंसियों को अब आतंकी माड्यूल का मुंबई कनेक्शन मिला है। सूत्रों के मुताबिक मुंबई पुलिस के लिए मुखबिरी करने वाली एक महिला ने आइएसआइ एजेंट के संपर्क में आकर देश इंटरनेट मीडिया के माध्यम से स्लीपर सेल का पूरा नेटवर्क खड़ा किया। महिला के संपर्क में सबसे पहले मुख्य आरोपित सुहेल आया था। इसके बाद महिला ने पूरा नेटवर्क खड़ा किया। वहीं इस मामले में 14 अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। रिमांड पर लिए गए छह आरोपितों से रा सहित अन्य खुफिया एजेंसी ने पूछताछ की है। आरोपितों से कई अहम जानकारी हासिल हुई हैं।
गाजियाबाद : छह जासूसों के पकड़े जाने के बाद उनका कनेक्शन खंगाल रही सुरक्षा एजेंसियों को अब आतंकी माड्यूल का मुंबई कनेक्शन मिला है। सूत्रों के मुताबिक मुंबई पुलिस के लिए मुखबिरी करने वाली एक महिला ने आइएसआइ एजेंट के संपर्क में आकर देश इंटरनेट मीडिया के माध्यम से स्लीपर सेल का पूरा नेटवर्क खड़ा किया। महिला के संपर्क में सबसे पहले मुख्य आरोपित सुहेल आया था। इसके बाद महिला ने पूरा नेटवर्क खड़ा किया। वहीं इस मामले में 14 अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। रिमांड पर लिए गए छह आरोपितों से रा सहित अन्य खुफिया एजेंसी ने पूछताछ की है। आरोपितों से कई अहम जानकारी हासिल हुई हैं।
सूत्रों ने बताया कि पूर्व में महिला मुंबई पुलिस के लिए मुखबिरी करती थी। उसे मुखबिरी के दांव पेच बखूबी आते हैं। बदले में उसे पैसा मिलता था। महिला की मुखबिरी से वहां की पुलिस ने कई बड़े गैंगों पर कार्रवाई की थी। महिला को कई गैंग के काम करने के बारे में अहम जानकारी थी। इस दौरान महिला आईएसआई के संपर्क में आ गई।
महिला को अधिक पैसे कमाने के लालच मुंबई पुलिस की मुखबिरी बंद कर दी। इसके बाद महिला ने आइएसआइ के लिए जासूसी शुरू कर दी। वह आइएसआइ के निर्देश पर काम करने लगी। इंटरनेट मीडिया पर युवाओं से संपर्क करना शुरू कर दिया। लोगों को बरगालकर नेटवर्क से जोड़ने लगी।
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उसी के इशारे पर 150 लोग वाट्सएप ग्रुप पर जोड़े गए थे। यह महिला एक शहर में नहीं ठहरती है। युवाओं को जोड़ने के लिए उसने विभिन्न शहरों में मीटिंग की। युवाओं को बरगलाया और उन्हें मोटा पैसा कमाने का लालच दिया।
रॉ, आईबी और एटीएस कर रही पूछताछ
पकड़े गए सभी आरोपितों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। बुधवार को रा, आइबी और एटीएस ने पूछताछ की। सुरक्षा एजेंसियों अब यह पता लगाने में जुटीं हैं कि कैमरे की फुटेज को कहां-कहां देखा गया था। आइपी एड्रेस निकाला गया है। वहीं कैमरे बनाने वाली कंपनी से भी संपर्क किया गया है। जिससे कैमरे की विशेषता के बारे में गहनता से पता किया जा सके।
हिरासत में लिए गए 14 संदिग्धों में दो कोरियर वाले शामिल
पुलिस ने जिन 14 संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया हैं उनमें दो कोरियर वाले भी शामिल हैं। कोरियर वालों से भी खुफिया एजेंसियों ने पूछताछ की है। माना जा रहा है कि आरोपित कोरियर वालों से संदिग्ध सामान मंगवाया था। इन कोरियर वालों को कितना पैसा दिया गया था, इसकी जांच की जा रही है। पूर्व में ये कोरियर वालों ने क्या-क्या सामान उपलब्ध कराया था। वहीं एटीएस के उच्चाधिकारी भी बुधवार शाम को गाजियाबाद पहुंचे। उन्होंने भी आराेपितों से पूछताछ की।
विदेश से डायरेक्ट नहीं आता था पैसा
पाकिस्तानों हैंडलरों ने भारत में म्यूल बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों से आरोपितों के पास रकम आती थी। म्यूल खातों का प्रयोग चोरी, फ्राड या साइबर अपराध से मिले पैसे को इधर-उधर किया जाता है। खाता धारक को अक्सर इसकी पूरी जानकारी नहीं होती। ऐसे खातों का उपयोग मनी लान्ड्रिंग में होता है। आरोपितों के पास जासूसी करने के बदले में सीधा विदेश से पैसा नहीं आता था। यह पैसा म्यूल खातों से ट्रांसफर होता था।


